हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विपक्ष पर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मनोचिकित्सक से इलाज कराने की सलाह दी। साथ ही कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला की तुलना छोटे बच्चों से करते हुए कहा कि जैसे बच्चे सुबह उठते ही दूध के लिए रोते हैं, वैसे ही सुरजेवाला भी हर वक्त रोते रहते हैं। अनिल विज के इस बयान से सियासी तापमान और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं। विज बोले- मान को मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए दरअसल, भगवंत मान ने पीएम मोदी के घाना दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री 140 करोड़ की आबादी वाला देश छोड़कर 10,000 आबादी वाले देश घाना चले गए, जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान मिला।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि अफ्रीका या घाना जैसे देश भी सम्मानजनक राष्ट्र हैं और वहां रिश्ते मजबूत करना भारत की विदेश नीति का हिस्सा है। विज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर देश में जा रहे हैं, इसमें देश छोटा है या बड़ा, इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि उन्हें वहां सर्वोच्च सम्मान मिला। भगवंत मान की ऐसी टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सुरजेवाला का काम ही रोने का है गुरुग्राम में जलभराव को लेकर सुरजेवाला ने बीजेपी सरकार को घेरा था और कहा था कि “मिलेनियम सिटी से जलगांव तक, ये ट्रिपल इंजन सरकार का तोहफा है।” इस पर विज ने जवाब देते हुए कहा कि जब गुड़गांव बसाया गया था, तब कांग्रेस की सरकार थी। नाले, नालियों और जलनिकासी की व्यवस्था तभी होती है जब शहर बस रहा होता है। हमारी सरकार पिछले 10 सालों से निकासी सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। विज ने तंज कसते हुए कहा, “जिस तरह छोटे बच्चे सुबह उठते ही दूध के लिए रोने लगते हैं, उसी तरह सुरजेवाला भी सुबह उठते ही रोने लग जाते हैं। उनका काम ही रोना है।”


