महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विवि में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी को पद से हटा दिया है। विवि अधिनियम की धारा 52 लागू कर दी है। यह धारा लागू होते ही विश्वविद्यालय की सभी समितियां तत्काल भंग हो गई हैं। पूरा प्रशासनिक नियंत्रण राज्यपाल के पास चला गया है। नए कुलगुरु की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने अधिसूचना जारी कर दी है। 1. खरीद में गड़बड़ी : कंप्यूटर, ट्रैकसूट, खेल सामग्री और पत्रिकाओं की छपाई का काम बिना टेंडर कराए एक ही फर्म को दे दिया गया।
2. निर्माण कार्यों में मनमानी : पुराने कैंपस में पहले 15 लाख से तार फेंसिंग कराई गई। कुछ समय बाद वही फेंसिंग हटाकर 50 लाख की बाउंड्रीवाल बनवा दी गई। दोनों काम बिना सरकारी मंजूरी के।
3. भर्ती में गड़बड़ी : सहायक प्राध्यापकों की भर्ती नियमों के खिलाफ, सिर्फ वॉक-इन इंटरव्यू से की गई। 319 कर्मचारियों को आउटसोर्स दिखाकर भुगतान।


