छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रिंटिंग के नाम पर पैसों की बर्बादी रोकने कड़े निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि सरकार के विभिन्न विभागों, उपक्रमों, मंडलों एवं अर्द्धशासकीय संस्थाओं के विज्ञापन, मुद्रण एवं प्रचार-प्रसार संबंधी सभी काम छत्तीसगढ़ संवाद से कराए जाएं। इसके अलावा अन्य स्थानों से प्रिटिंग करवाने पर उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सभी विभागों को जारी आदेश में कहा है कि राज्य शासन के मंशानुसार शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों मंडलों व अर्द्धशासकीय संस्थाओं के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों के विज्ञापन डिजाइन कर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर एवं अन्य विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार का कार्य छत्तीसगढ़ संवाद से ही कराएं, जिससे कार्यों में गुणवत्ता व एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। यदि ये काम करने में छत्तीसगढ़ संवाद किन्हीं कारणवश असमर्थ है तो छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा एनओसी जारी किया जाएगा। इस एनओसी के बिना कोई भी विभाग, निगम, मंडल एवं अर्द्धशासकीय संस्थाएं उक्त कार्यों को अन्यत्र से नहीं कराएं। अगर कोई विभाग विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों के विज्ञापन डिजाइन कर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया एवं अन्य विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार का कार्य छत्तीसगढ़ संवाद से न कराकर अन्य संस्थाओं से कराता है तो बिना एनओसी भुगतान नहीं किया जाएगा। किताबों की छपाई के लिए 2020-21 के बाद कोई टेंडर ही नहीं हुआ
छत्तीसगढ़ सरकारी प्रेस ने किताबों की छपाई के लिए 2020-21 में टेंडर किया था। इसके बाद कोई टेंडर नहीं हुआ है। पिछले चार साल से 2021 में जिन प्रिंटरों को काम दिया गया था, उन्हीं से किताबों की छपाई कराई जा रही है। पुराने निविदा पर ही सिर्फ 4-5 प्रिटर्स पूरे काम ऊचें दर पर आपस में बांटकर कर रहे हैं।


