विदिशा की कोतवाली पुलिस ने खरीफाटक रोड स्थित अरिहंत ज्वैलर्स में हुई डकैती का खुलासा रविवार को कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 13 लाख रुपए कीमत का चांदी का सामान और वारदात में इस्तेमाल किया गया बोलेरो वाहन जब्त किया गया है। यह घटना 3 जनवरी की रात को अरिहंत ज्वैलर्स पर हुई थी। दुकान संचालक शैलेंद्र जैन ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने रात में ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए हैं। डकैती का खुलासा करने के लिए पुलिस ने आठ विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह, एसडीओपी सिरोंज सोनू डावर और एसडीओपी कुरवाई रोशनी सिंह ने पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व किया। पुलिस ने 260 सीसीटीवी खंगाले
पुलिस टीमों ने विदिशा, सिरोंज, गुलाबगंज, बासौदा, लटेरी, आनंदपुर, आरोन और गुना सहित आसपास के क्षेत्रों के 260 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा, 180 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी जांच और फिंगरप्रिंट मिलान में जिला फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक योगेंद्र साहू की अहम भूमिका रही। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हनौतिया, आरोन रोड से आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनके साथ दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस ने रूठियाई के 22 वर्षीय अमन वंशकार, गुना के हड्डी मिल से 26 वर्षीय राम सिंह पारदी और गुना की जवाहर कॉलोनी से 25 वर्षीय कालीचरण पारदी को दो विधि विरुद्ध बालकों के साथ पकड़ा। उनके पास से चांदी की 21 नग पायल, 169 नग बिछुड़ी, 6 जोड़ी बड़ी पायल, 3 नग कमरबंद और एक बोलेरो वाहन बरामद किया गया है। बरामद किए गए सामान की कीमत 13 लाख रुपए बताई जा रही है।


