विदिशा की खोई विरासत है बीजा मंडल, इसे मिले सरकारी मान्यता: पूर्व कलेक्टर जैन

भास्कर संवाददाता| विदिशा जालोरी गार्डन में विजया मंदिर को लेकर व्याख्यान हुआ। इसमें पूर्व कलेक्टर सुरेश जैन और पूर्व सांसद राघव जी भाई ने बीजा मंडल के इतिहास, खुदाई और पुनर्निर्माण को लेकर अहम जानकारी दी। सुरेश जैन ने बताया कि बीजा मंडल विदिशा की अस्मिता और गौरव से जुड़ा है। यह स्थल लंबे समय तक उपेक्षित रहा। सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक दबाव के कारण खुदाई की अनुमति नहीं मिल सकी थी। 1992 में सुरेश जैन ने लिखित आदेश देकर खुदाई कराई। चार दिन चली खुदाई में करीब 2000 प्राचीन मूर्तियां मिलीं। इन मूर्तियों की जानकारी तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा को दी गई। उन्होंने इसकी सराहना की। अधिकतर मूर्तियां अब दिल्ली और भोपाल के संग्रहालयों में सुरक्षित हैं। संसद भवन और अयोध्या मंदिर की डिजाइन में बीजा मंडल की झलक पूर्व सांसद राघव जी ने बताया कि उन्होंने संसद में प्रश्न उठाकर मूर्तियों की मौजूदगी का लिखित उत्तर प्राप्त किया। उनके अनुसार भारत के नए संसद भवन और अयोध्या मंदिर की डिजाइन में बीजा मंडल की झलक मिलती है। सुरेश जैन और राघव जी का मानना है कि बीजा मंडल का पुनर्निर्माण अयोध्या की तर्ज पर होना चाहिए। सुरेश जैन ने कहा, यह केवल इमारत नहीं, विदिशा के गौरव को लौटाने का संकल्प है। समाज को इस कार्य में जुटे लोगों का समर्थन करना चाहिए। अपने कार्यकाल में उन्होंने रामलीला मैदान को शासकीय भूमि घोषित कर रामलीला समिति को सौंपा था। इससे सांस्कृतिक परंपरा बनी रही।

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