विदिशा के तीन इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी:वन विभाग ने अलर्ट जारी किया, इलाकों में सर्चिंग तेज, सीसीटीवी में कैद

विदिशा जिले के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की खबरें सामने आ रही हैं। गुलाबगंज के ग्रामीण क्षेत्र, पठारी इलाका और विदिशा शहर से सटी कॉलोनियों के पास तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली है। हालांकि, अब तक तेंदुए द्वारा किसी व्यक्ति पर हमले की कोई पुष्टि नहीं हुई है। खेतों में मिले पैरों के निशान ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों से गुलाबगंज और आसपास के गांवों में तेंदुआ घूमता नजर आ रहा है। खेतों में तेंदुए जैसे पैरों के निशान मिले हैं और कुछ जगहों के वीडियो भी सामने आए हैं। विदिशा शहर के हाईवे बायपास से सटी कॉलोनियों के पास भी लोगों ने तेंदुआ देखने की बात कही है। वेयरहाउस के पास CCTV में कैद हुआ तेंदुआ रविवार को ग्राम खजूरी और धतुरिया के बीच स्थित एक वेयरहाउस के पास तेंदुए को देखे जाने की सूचना मिली। बताया गया कि तेंदुआ वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है। इसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग ने जारी किया अलर्ट मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया है। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को सतर्क रहने की समझाइश दे रही हैं। साथ ही तेंदुए की तलाश के लिए सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। बीती देर रात डीएफओ हेमंत यादव ने अपनी टीम के साथ विदिशा शहर के आसपास और गुलाबगंज के ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में वन प्राणियों की आवाजाही बढ़ जाती है और संभव है कि तेंदुआ रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों के पास आ गया हो। मवेशियों के नुकसान पर मिलेगा मुआवजा डीएफओ ने लोगों से अपील की है कि यदि तेंदुआ किसी मवेशी का शिकार करता है तो अपनी जान जोखिम में न डालें। मवेशियों के नुकसान की स्थिति में शासन द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। धतुरिया हवेली में दो गायों की मौत के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए या बाघ के हमले की आशंका जताई थी। मृत गायें घनश्याम दांगी की बताई जा रही हैं। हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह घटना तेंदुए या बाघ की नहीं, बल्कि जंगली कुत्तों के हमले की है। कैमरा ट्रैप और ड्रोन से निगरानी वन विभाग ने कुछ स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए हैं और अन्य इलाकों में भी लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही ड्रोन से सर्चिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रायसेन की ओर से कोई वन प्राणी भटककर आ सकता है, जो एक दिन में 25 से 30 किलोमीटर तक मूवमेंट कर सकता है। फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।

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