विदिशा की वैशाली नगर कॉलोनी में स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिना बारिश के ही नाले का गंदा पानी कॉलोनी की सड़कों पर बह रहा है, जिससे रहवासियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बीते छह दिनों से लोग तेज दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण में रहने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कॉलोनी के ट्यूबवेल से भी गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इस मजबूरी के चलते रहवासियों को पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि गंदे पानी और गंदगी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। सड़कों पर पानी भरा होने से फिसलन बनी रहती है, जिसके चलते कई बार बच्चे और बुजुर्ग गंदे पानी में गिर चुके हैं और उन्हें चोटें भी आई हैं। यह समस्या बार-बार हो रही
रहवासियों के अनुसार, नाले के स्वरूप से छेड़छाड़ किए जाने के बाद यह समस्या बार-बार खड़ी हो रही है। पहले गंदे पानी की निकासी के लिए खुला नाला था, लेकिन बाद में कॉलोनाइजर ने अपने निजी फायदे के लिए खुले नाले की जगह बड़े-बड़े पाइप डाल दिए। अब ये पाइप पूरी तरह चोक हो चुके हैं, जिसके कारण नाले का सारा गंदा पानी कॉलोनी की सड़कों पर फैल रहा है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि लगभग हर छह महीने में पाइप चोक हो जाते हैं और पूरी कॉलोनी गंदे पानी से भर जाती है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की कि पाइपलाइन व्यवस्था को हटाकर स्थायी और पक्का नाला निर्माण कराया जाए, ताकि गंदे पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। सीएमओ बोले- कॉलोनाइजर पर जुर्माना करेंगे
इस मामले में नगर पालिका के अधिकारी दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि किसी भी नाले का स्वरूप बदला नहीं जा सकता। वैशाली नगर में नाले के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई है। कॉलोनी में पाइप डालकर नाले को निकाला गया है। उन्होंने बताया कि पहले भी इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिस पर कॉलोनाइजर को नोटिस जारी कर नाले का पक्का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए थे। यदि कॉलोनाइजर द्वारा नाले का निर्माण नहीं कराया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार कॉलोनाइजर पर कब सख्त कार्रवाई होगी और वैशाली नगर के लोगों को गंदगी, बीमारी और बदबू से कब निजात मिलेगी।


