विदेशी इतिहासकारों ने राजा मानसिंह की छवि को किया धूमिल:दीया कुमारी बोलीं- इतिहास की पुनः समीक्षा की आवश्यकता, सिटी पैलेस में जुटे इतिहासकार

सिटी पैलेस में महाराजा सवाई मानसिंह म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में आमेर नरेश राजा मानसिंह प्रथम की 475वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई। कार्यक्रम सिटी पैलेस के सर्वतोभद्र चौक में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यकारों, इतिहासकारों, पत्रकारों एवं जयपुर के नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने राजा मानसिंह प्रथम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी इतिहासकारों की ओर से प्रस्तुत किए गए गलत एवं तोड़े-मरोड़े तथ्यों से राजा मानसिंह प्रथम की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। ऐसे में इतिहास की पुनः समीक्षा आवश्यक है।जो भी लेखक, इतिहासकार या साहित्यकार को किसी भी तरह की जानकारी चाहिए, पोथीखाने से हासिल कर सकतें हैं। सिटी पैलेस कला एवं संस्कृति विभाग के ओएसडी रामू रामदेव ने बताया कि जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में ढूंढाड़ क्षेत्र के अनेक साहित्यकारों, पत्रकारों और इतिहासकारों ने राजा मानसिंह प्रथम के जीवन, पराक्रम एवं योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मनोहर सिंह की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं इतिहासकार प्रो. गोविन्द शंकर शर्मा, सुभाष शर्मा, जितेन्द्र सिंह शेखावत, कल्याण सिंह शेखावत, राघवेन्द्र मनोहर सिंह, ब्रजराज सिंह सिरस, शिवराज पाल सिंह करौली सहित अन्य वक्ताओं ने राजा मानसिंह प्रथम के जीवन चरित्र और ऐतिहासिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर शहर एवं ढूंढाड़ क्षेत्र से आए अनेक गणमान्य जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें सत्ताइसा राजपूत सभा के अध्यक्ष दशरथ सिंह शेखावत, उस्मान खाँ चौहान तथा बैंगलोर से आए कवि प्रेम तन्मय प्रमुख रहे। ढूंढाड़ी कवियों ने अपनी कविताओं से कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।

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