भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड में संचालित सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रखंड में संचालित कुल 70 विद्यालयों में से 42 विद्यालयों के शौचालय पूरी तरह जर्जर अवस्था में हैं। इसका सीधा असर इन विद्यालयों में नामांकित 5526 छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। शौचालय अनुपयोगी होने के कारण विद्यार्थियों को खुले में या इधर-उधर शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत छात्राओं को हो रही है। किशोरावस्था की छात्राओं के लिए शौचालय की अनुपलब्धता न केवल असुविधाजनक है, बल्कि उनकी सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। कई विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं होने के कारण शौचालयों की स्थिति और भी बदतर हो गई है। इससे छात्र-छात्राओं की निजता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले के अधिकांश विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण वर्ष 2007-08 के दौरान कराया गया था। समय-समय पर जरूरत के अनुसार कुछ विद्यालयों में मरम्मति और आंशिक निर्माण कार्य भी किया गया, लेकिन पिछले एक वर्ष से रमकंडा प्रखंड के 42 विद्यालयों में शौचालय पूरी तरह जर्जर स्थिति में पड़े हुए हैं। कई स्थानों पर शौचालय की छत टूट चुकी है, दरवाजे और सीटें क्षतिग्रस्त हैं, जबकि कहीं पानी की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। विद्यालयों में शौचालयों की इस बदहाल स्थिति से स्वच्छ भारत मिशन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए जर्जर शौचालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मति के लिए अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है। कि ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके। इन विद्यालयों के शौचालय जर्जर : जर्जर शौचालय वाले विद्यालयों में मध्य विद्यालय रमकंडा, मवि कसमार, यूपीजी मवि पतसर, यूपीजी एमएस बलिगढ़, यूपीएस एमएस गोबरदाहा, उदयपुर, केरवा, मूरली, हरहे, बिराजपुर, कुशवार, प्राथमिक विद्यालय दहो, पीएस चपरी, पलासदामर, सेमरटांड़, नावापारा, सबाने, कछरवा, बेलवादामर, देबुआही, रोहरा, धोतीचेटे सहित कई एनपीएस विद्यालय शामिल हैं। इनमें मस्जिद टोला, ऊपरटोला, बाघमारी, हरिजन टोला हरहे, नावाडीह, भैंसमरवा, लंगड़ीमहुआ, गम्हरिया, पिपरादामर शिशवा, ललेया, कुसुमटांड़, लंगोरिया, तेतरडीह, तेहरा, गंगा टोली, औराझरिया, बैरियादामर, बिचलाटोला रमकंडा एवं हरिजनटोला केरवा प्रमुख हैं। शौचालय की मरम्मत/निर्माण अति आवश्यक है : जिप उपाध्यक्ष जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्य नारायण यादव ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालयों में शौचालय जर्जर होने की शिकायत की थी। इसके आलोक में मैंने उपायुक्त और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को शौचालय की मरम्मति/ निर्माण कराने के लिए पत्र लिखा है। विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए गंभीर समस्या है। सुविधा मुहैया कराई जाएगी : डीईओ जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कहा कि जर्जर शौचालयों की सूची मांगी गई है। सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।


