बलरामपुर जिले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर के व्याख्याता राजेंद्र देवांगन मंगलवार (3 फरवरी) को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपने 8 साल के बेटे के साथ स्कूल का नियमानुसार प्रभार न दिए जाने के विरोध किया। शिक्षक देवांगन का आरोप है कि नियमानुसार प्रभार न मिलने के कारण उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बार-बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई लिखित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। आत्मसम्मान आहत होने का आरोप जानकारी के अनुसार, देवांगन ने 16 दिसंबर 2025, 20 दिसंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को विद्यालय का प्रभार दिए जाने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन दिए थे। हालांकि, इन आवेदनों पर आज दिनांक तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षक का कहना है कि इस लापरवाही के कारण कुछ अनुशासनहीन कर्मचारियों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मसम्मान आहत हो रहा है। न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण धरना जारी धरने पर बैठे शिक्षक ने बताया कि वह 4 संतानों के पिता हैं और न्याय की मांग को लेकर अपने सबसे छोटे पुत्र के साथ धरना देने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकते और न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण धरना जारी रखेंगे। पत्नी भाई का निधन, जल्द हस्तक्षेप की मांग अपने आवेदन में, शिक्षक ने यह भी उल्लेख किया है कि कथित मानसिक प्रताड़ना के चलते उनकी पत्नी का 03 अक्टूबर 2022 को आकस्मिक हृदयाघात से निधन हो गया था। इसके अलावा पारिवारिक सदमे के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने से उनके बड़े भाई का भी 01 नवंबर 2022 को निधन हो गया। शिक्षक ने इन घटनाओं को अपने जीवन पर पड़े गहरे मानसिक दबाव से जोड़ते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। धरनास्थल पर अनुशासनहीनता के विरोध में नारे लिखे बैनर और फ्लेक्स लगाए गए हैं। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। समाचार लिखे जाने तक शिक्षक का धरना जारी था और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।


