विधवा महिला बोली- MLAजीवाराम ने गलत तरीके से ली जमीन:भाई ने बिना नामांतरण में नाम डलवाए बेच दी, विधायक बोले- हमने डायरेक्ट खरीद नहीं की, थर्ड पार्टी हैं

सांचौर निवासी एक महिला ने विधायक जीवा राम चौधरी पर पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। इसे लेकर महिला ने संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में महिला ने जमीन में हिस्सा दिलाने की मांग करते हुए सांचौर एसडीएम पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप-मां और भाई से उनकी जमीन कराई ट्रांसफर
पीड़ित जमना बाई ने बताया-साल 2000 में उनके पिता जोगला मेघवाल का निधन हो गया। सांचौर के मौजा कारोला के पुराने राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर 152, 154, 155, 156, 656, 911, 912, 913, 914, 1144 व 1145 कुल रकबा 14.44 हैक्टेर पुश्तैनी पारिवारिक भूमि है। खसरा नंबर 1144, 1145, 911, 912 व 2916/914 कुल रकबा 5.80 हैक्टेर स्व.जोगला के हिस्से में आया। जमना बाई ने बताया-उनके पिता जोगला और मां पाबू देवी के दो बेटे केशा और राजा के अलावा दो बेटियां जमना और हनजू हैं। हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के अनुसार जमीन में उसके चौथाई हिस्सा बनता है। मगर 7 अक्टूबर 2010 को पाबू देवी और भाई राजू और केशा ने बिजला राम के नाम 1.40 हेक्टेयर (आठ बीघा) जमीन 2 लाख रुपए में बेचान कर दिया। 4 महीने बाद उसी जमीन को बिजलाराम से जीवा राम के नाम पर 20 लाख में बेच दिया। महिला का आरोप है कि विधायक जीवा राम चौधरी ने यह जमीन पीड़िता के भाई राजा और उसकी मां से उसके हिस्से सहित पूरी जमीन बिजलाराम के नाम से 7 अक्टूबर 2010 को बेचान करवा दिया। जिसके बाद जमीन 31 जनवरी 2011 को जमीन कन्वर्जन करवाकर राजस्थान पावर गेन ट्रांसफॉर्मर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर जीवा राम पुत्र मोटाराम चौधरी के नाम करवा दी। महिला ने आरोप लगाया-मैं पिछले कई सालों से न्याय के लिए भटक रहीं हूं। मगर अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। सांचौर से तीन बार विधायक बने जीवाराम चौधरी
बता दें कि जीवाराम चौधरी 2003, 2008 और 2023 में सांचौर से विधायक बने हैं। 2008 से लेकर 2013 तक जीवाराम चौधरी निर्दलीय विधायक थे। इस कार्यकाल के दौरान महिला ने जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। सांचौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सद राम बिश्नोई ने बताया- दो तरह की संपत्ति हो ती है। एक पुश्तैनी और दूसरी खुद के द्वारा कमाई गई। व्यक्ति जीवित रहते हुए अपने द्वारा कमाई गई संपत्ति को अपने तरीके से यूज कर सकता है। मगर उसके मरने के बाद वह पैतृक संपत्ति मानी जाती है। … यह भी पढ़ें राजस्थान- 3 विधायक कमीशन की डील करते कैमरे में कैद:कांग्रेस की अनीता ने 50,000 लिए, बीजेपी के डांगा बोले-40% दो; निर्दलीय ऋतु से 40 लाख की डील विधायक निधि में भ्रष्टाचार पर भास्कर पहली बार अब तक का सबसे बड़ा खुलासा कर रहा है। इसमें विकास कार्यों की अनुशंसा करने के नाम पर विधायक 40% कमीशन ले रहे हैं। इसे उजागर करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने एक डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया। (पढ़ें पूरी खबर)

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