विधानसभा शीत सत्र:सत्तापक्ष और विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप से सदन में बनी हंगामे की स्थिति

श्योपुर जिले में अतिवृष्टि के कारण फसल नुकसान के सर्वे के बाद मुआवजा भुगतान का जबाव नहीं दे पाने पर राज्य सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। वहीं कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर वेल में आकर नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर विरोध जताया। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने प्रश्नकाल के दौरान श्योपुर जिले के किसानों के खाते में राहत राशि नहीं डालने का मामला उठाया। कहा कि खराब फसल का सर्वे हो गया, लेकिन मुआवजा राशि अब तक किसानों को ​नहीं मिली। सरकार की ओर से राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि श्योपुर जिले की पांचों तहसील के 428 गावों के 98611 खातेदारों की 99529 हेक्टेयर जमीन में फसल नुकसानी का सर्वे किया गया है। लेकिन, मंत्री मुआवजा राशि और भुगतान की जानकारी नहीं दे सके। जंडेल ने दोबारा प्रश्न दोहराते हुए पूछा कि 27 नवंबर को मुख्यमंत्री श्योपुर आए थे, तब पैसा खाते में डालने की घोषणा हुई थी, लेकिन पैसा किसानों का खाते में नहीं आया है। मंत्री ने जबाव दिया कि 100 करोड़ 83 लाख की राशि किसानों को वितरित की गई है। जो बचे हैं, उनको भी की जा रही, आप पता कर लें। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरा है, 5 हजार करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों का बकाया है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 16 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन इस दर से पैसा खातों में नहीं आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोलने खड़े हुए और कहा कि कांग्रेस काल में 3 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जाती थी, भाजपा ने उसे 16 हजार तक पहुंचाया है, इस पर कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आकर प्रदर्शन करने लगे। सत्तापक्ष व विपक्ष के विधायकों के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू होने से हंगामा खड़ा हो गया। सरकार की ओर से स्पष्ट जबाव नहीं दिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस के सभी विधायकों ने वॉकआउट कर विरोध जताया। भाजपा विधायकों ने लगाया कार्रवाई में गड़बड़ी का आरोप भाजपा के चार विधायकों संजय पाठक, प्रणय प्रभात पांडेय, अभिलाष पांडेय और संदीप जायसवाल ने कटनी में पुलिस कार्रवाई पर में गड़बड़ी पर सवाल उठाए। कटनी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक व्यापारी की घर हुई आगजनी के मामले में युवक शुभम त्रिपाठी पर गलत धाराओं में केस दर्ज कर गैर जमानती अपराध बनाने का आरोप लगाया। पुलिस कस्टडी में आरोपी युवक से पुलिस अफसरों की मौजूदगी में दो कांग्रेस नेताओं नाजिम खान और दिव्यांशु मिश्रा द्वारा इंटेरोगेशन करने और भाजपा नेताओं के नाम लेने के लिए दबाव बनाया गया था। विधायक संजय पाठक ने कहा कि कटनी में नाजिम खान के घर की बाउंड्रीवाल के घर के बाहर शुभम त्रिपाठी और उसके साथियों ने सिर्फ नेम-प्लेट जलाई थी, लेकिन धाराएं ऐसी लगा दी गई जिसमें पूरा घर और उसमें रहने वाले लोगों को जलाने पर लगाई जाती। प्रणय प्रभात पांडेय ने कहा कि जिस नाजिम के घर में आग लगी वह पूर्व में हथियारों का व्यापारी रहा है, उसके दबाव में शुभम त्रिपाठी के परिजनों को पुलिस परेशान कर रही है। हाथ में उस्तरा और बंदर का मुखौटा पहनकर आए कांग्रेसी विधायक: कांग्रेस विधायकों ने किसानों और बेरोजगारी के मुद्दे पर विधानसभा में हाथ में उस्तरा और बंदर का मुखौटा पहनकर प्रदर्शन किया। जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके बंदर के वेश में आए थे। कांग्रेस विधायकों ने बंदर और उस्तरे को सरकार और सिस्टम का प्रतीक बताया। हरियाणा के स्पीकर भी आए मप्र विधानसभा की कार्यवाही देखने गुरुवार को हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण पहुंचे। उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठकर मप्र विधानसभा की कार्यवाही देखी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी विधायकों की ओर से उनका स्वागत किया। उर्दू छात्र नहीं, दो शिक्षक हैं भाजपा विधायक अमर सिंह यादव ने कहा कि राजगढ़ जिले के डोंडीशाला स्कूल में उर्दू का न कोई विद्यार्थी नहीं है, लेकिन उर्दू के दो शिक्षक पदस्थ हैं। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कई स्कूलों में उर्दू शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन छात्र नहीं हैं।

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