अमृतसर| पंजाब सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा की सदस्य लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि हर राजनीतिक दल में कुछ विधायक और सांसद ऐसे होते हैं, जो जब राजनीति से ऊब जाते हैं या उनकी इच्छाएं पूरी नहीं होतीं, तो तुरंत इस्तीफा दे देते हैं। कभी पार्टी से, कभी विधायक पद से। हाल ही में अनमोन मान ने भी कहा कि अब उनका राजनीति से मन भर गया है। ऐसे नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि जनता ने उन्हें पांच साल की सेवा के लिए चुना है। यह उनकी ड्यूटी है, जिसे पूरा करना उनका कर्तव्य है। इस तरह बीच में इस्तीफा देना जनता के साथ अन्याय है। ऐसे विधायक और सांसद जानते हैं कि इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें पेंशन और अन्य लाभ मिलते रहेंगे। यह व्यवस्था गलत है।


