भास्कर न्यूज| धमतरी 2 दिन पहले गांधी मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भाजयुमो ने पुतला जलाया। इसके बाद से राजनीति गरमा गई है। 29 दिसंबर को प्रदर्शन का ऐलान किया, लेकिन कांग्रेस द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन में न तो विधायक ओंकार साहू पहुंचे और न ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर। दूसरे दिन 30 दिसंबर को भी उपस्थिति दोनों शीर्ष नेताओं की नहीं हुई। फिर कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने के सामने नारेबाजी की। पुलिस प्रशासन का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी ने 30 दिसंबर को दोबारा कोतवाली थाने का घेराव कर पुतला दहन करने की सूचना दी, लेकिन विधायक ओंकार साहू और अन्य वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। शाम करीब 4 बजे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश शर्मा और आकाश गोलछा की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन का पुतला जलाया। पुलिस ने पुतला जलाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की। बल्कि नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी और थानेदार राजेश मरई इस पूरी घटना को गांधी मंच से देखते रहे। इधर विधायक ओंकार साहू ने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कार्यक्रम के तहत कहीं और हिस्सा लिया, जिसके चलते वे प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने कहा कि यदि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का पुतला जलाया जाता है, तो पुलिस हमेशा उसे रोकने या बुझाने का प्रयास करती है। हालांकि, यदि कांग्रेस को लगता है कि उस दिन उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें अपने असंतोष को व्यक्त करने का अधिकार है।


