छत्तीसगढ़ के धमतरी में धान खरीदी केंद्र के बाहर विधायक, किसानों और पार्षदों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने रकबा समर्पण से नाराज होकर धान खरीदी का बहिष्कार कर दिया था। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही धान खरीदी शुरू हो सकी। यह घटना धमतरी जिले के नगर पंचायत आमदी में हुई, जो विधायक ओंकार साहू का गृह ग्राम है। किसानों ने धान से भरे अपने ट्रैक्टरों को सोसायटी के बाहर खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पार्षद और विधायक भी मौके पर पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। किसानों का आरोप- अधिकारी जबरदस्ती रकबा समर्पण करा रहे थे किसानों का आरोप था कि प्रशासनिक अधिकारी जबरदस्ती रकबा समर्पण करा रहे हैं, जिससे कई किसानों के टोकन नहीं कट पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीदी के लिए केवल दो दिन शेष हैं और ऐसे में भौतिक सत्यापन कर रकबा समर्पण किया जा रहा है। विधायक के हस्तक्षेप पर धान खरीदी शुरू विधायक के हस्तक्षेप और अधिकारियों द्वारा धान खरीदने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और ट्रैक्टरों को समिति के अंदर ले जाकर खरीदी शुरू की गई। धमतरी विधायक ओंकार साहू ने बताया कि आमदी नगर पंचायत के किसानों ने अपनी उपज का अधिकार मांगने के लिए उप मंडी में एकजुट होकर आंदोलन किया। इसमें आमदी नगर पंचायत के कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष ने भी उनका साथ दिया। विधायक ने कहा कि उन्हें आंदोलन की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 27 जनवरी को भी कांग्रेसियों द्वारा किसानों के टोकन नहीं कटने और समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जिस पर तब भी आश्वासन मिला था। विधायक ने किसानों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने अपने हक के लिए आवाज उठाई है और आगे भी ऐसे ही आवाज गूंगी-बहरी सरकार के खिलाफ उठाते रहें।


