राज्य विधानसभा में गुरुवार को पश्चिमी राजस्थान में राज्य वृक्ष खेजड़ी की अवैध रूप से हो रही कटाई का मुद्दा गूंजा। बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीकानेर, जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान में आने वाले समय में खेजड़ी के 50 लाख पेड़ काटने की तैयारी की जा रही है। अब तक 26 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण कानून लागू करने की मांग की। इस मुद्दे के उठने से पहले बीती रात मोमासर गांव में सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी के पांच पेड़ काट डाले। मोमासर गांव से करीब डेढ़ किमी दूर बुधवार रात खेजड़ी के पांच पेड़ काटे गए हैं। वन विभाग की टीम गुरुवार सुबह मौके पर पहुंची। फर्द रिपोर्ट के अनुसार यह खेत सेवानिवृत्त अध्यापक विपिन जोशी का बताया गया है। कुछ दिन पहले भी इस क्षेत्र में 24 खेजड़ी काटी गई थी। ग्रामीण गोपीराम गोदारा और बीरबल बिश्नोई ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने के लिए गुपचुप तरीके से खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन कंपनी का नाम फिलहाल रिकॉर्ड में कहीं नहीं है। खेत मालिक भी चुप हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी को भी सूचना दी थी, लेकिन वे नहीं पहुंचे। हालांकि श्रीडूंगरगढ़ थाने से एएसआई सुरेश गुजर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी अपनी मौका रिपोर्ट तैयार की है। अंबारण में खेजड़ी काटने पर सोलर कंपनी के खिलाफ परिवाद पेश छत्तरगढ़ तहसील के राजासर भाटियान और अंबारण गांव में खेजड़ी के 833 पेड़ काटने के मामले में सोलर कंपनी एएम(अरसलार मित्तल) ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ उपखंड अधिकारी के समक्ष टेनेंसी एक्ट में जुर्माने की कार्यवाही करने के लिए परिवाद पेश किया गया है। खेजड़ियां कंपनी की लीजधारी जमीन की सीमा में काटी गई थीं। जमीन के चारों तरफ तारबंदी की हुई है। पटवारी की मौका रिपोर्ट में केवल खसरा नंबर दर्ज किए गए हैं। लीज होने के कारण खेत मालिकों को छोड़ दिया गया है। पटवारी गोपाल सिंह राजपुरोहित ने बताया कि काटी गई सभी खेजड़ियां कुर्क कर ली गई हैं। उधर, गांव के भवानी सिंह, मोडाराम, छेलूसिंह, देवराजसिंह, किशन सिंह आदि ने छत्तरगढ़ एसडीएम को परिवाद पेश कर कंपनी के ठेकेदार पर ग्रामीणों को धमकाने का आरोप लगाया है। राजासर भाटियान और अंबारण में सोलर कंपनी ने खेजड़ी के हजारों हरे पेड़ कटवा डाले, जो मौके पर ही पड़े हैं। कंपनी की सरकारी भूमि का म्यूटेशन ही दर्ज नहीं, हो सकता है केस
एएम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को अंबारण गांव में एक हजार बीघा सरकारी भूमि का आबंटन हुआ है। छत्तरगढ़ तहसील ने पट्टा काट कर कब्जा भी सुपुर्द कर दिया, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में जमीन का म्यूटेशन जिला कलेक्टर के पास पेंडिंग पड़ा है। भास्कर ने अंबारण गांव की सरकारी जमीन का रिकॉर्ड देखा तो कंपनी का नाम जमाबंदी में नहीं मिला। यह जमीन अब तक रिकॉर्ड में सरकारी बोल रही है। ऐसे में सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित खेजड़ी के पेड़ काटने का पुलिस केस दर्ज करवाने को लेकर मंथन चल रहा है। नायब तहसीलदार दोलाराम बाजिया का कहना है कि एसडीएम से इस संबंध में दिशा निर्देश लिए जा रहे हैं। हालांकि विधि विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिबंधित वृक्ष खेजड़ी को खातेदारी जमीन पर भी बिना अनुमति नहीं काटा जा सकता, जबकि तहसील प्रशासन इससे बचता आ रहा है।


