भास्कर न्यूज| धमतरी शिक्षकों के विरोध के बावजूद युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। युक्तियुक्तकरण के तहत मर्ज होने के बाद 415 स्कूलों में 398 शिक्षक अतिशेष थे। जिन्हें रिक्त पद वाले स्कूलों में नियुक्ति दी गई। इनकी काउंसिलिंग करने बुधवार को सुबह 10 बजे सेंटमेरी स्कूल में शिक्षकों को बुलाया गया था। काउंसिलिंग के पूर्व संघ के पदाधिकारियों ने विरोध तो किया, पर इसका असर नहीं दिखा। अतिशेष शिक्षकों ने काउंसिलिंग में शामिल होकर रिक्त पदों वाले स्कूल का चयन किए। जिले प्राथमिक, मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की गई। अलग-अलग कमरों में संवर्ग के हिसाब से बैठक व्यवस्था रखी गई। शिक्षकों के स्कूल चयन करते ही 5 मिनट बाद आदेश कापी भी दिया गया। इस बीच शिक्षक साझा मंच के तहत विभिन्न संगठनों ने त्रुटिपूर्ण काउंसिलिंग का विरोध भी जताया। इस बीच पंजीयन भी जारी रहा। 3 कमरों में प्राथमिक, मिडिल और हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के हिसाब से कमरों में बैठक व्यवस्था की गई थी। क्रमबद्ध तरीके से शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। प्रोजेक्टर के माध्यम से रिक्त पद वाले स्कूल अतिशेष शिक्षकों को दिखाए गए। शिक्षकों ने स्वयं स्कूल का चयन किया। फिर आदेश कॉपी दी गई। डीईओ टीआर जगदल्ले ने कहा कि अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग की गई। इसमें पारदर्शिता बरती गई। शिक्षक इस प्रणाली से संतुष्ट हैं। कुछ अन्य शिक्षक ही इसका विरोध कर रहे थे। शिक्षकों को काउंसिलिंग के बाद आदेश पत्र दिया गया है। सप्ताहभर में चयनित स्कूल में ज्वाइनिंग देनी है। शिक्षक साझा मंच के बैनरतले विभिन्न शिक्षक संगठनों ने काउंसलिंग का विरोध किया। जिला संचालक डॉ. भूषण लाल चंद्राकर, अमित मोहबे, गेवाराम नेताम आदि ने कहा कि इसमें कई विसंगतियां है। अतिशेष सूची में सुधार कर पुनः सूची जारी करने कहा गया था। रिक्त पदों की जानकारी पूर्व से जारी नहीं की गई। सिर्फ आधे घंटे पहले बताई गई। रिक्त पदों की सूची में शहर एवं आसपास के शालाओं में रिक्त पद रहने के बाद भी उसे प्रदर्शित नहीं किया गया। वर्तमान व एक दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भी अतिशेष में शामिल कर लिया गया। सूची जारी करते समय नियमों का पालन नहीं किया गया।


