भास्कर न्यूज | अमृतसर सिविल अस्पताल में नया कैंसर केयर वार्ड तैयार है। वहीं सरकार की ओर से भेजी गई नई अल्ट्रासाउंड मशीनों पर जांच शुरू हो चुकी है। मगर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार से मंजूरी न मिलने के कारण यह नई सुविधाएं अभी पूरी क्षमता से मरीजों के काम नहीं आ पा रही हैं। सिविल अस्पताल में कैंसर वार्ड को नियमित रूप से शुरू करने के लिए एक ऑन्कोलॉजिस्ट, जबकि चारों अल्ट्रासाउंड मशीनों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए 2 अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है। सिविल सर्जन कार्यालय ने करीब एक माह पहले इन पदों को एम्पैनलमेंट (ठेका आधार) पर भरने की अनुमति के लिए पंजाब सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है। विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए सरकार से मंजूरी मिलने तक अस्पताल प्रशासन उपलब्ध स्टाफ से ही सेवाएं शुरू कर रहा है। सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने बताया कि नई अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद डॉक्टरों से चालू करा दी हैं। कैंसर वार्ड के लिए चंडीगढ़ से ट्रेंड स्टाफ और कीमोथैरेपी के फॉलोअप मरीजों की जिम्मेदारी मेडिसिन विभाग के प्रमुख को दी है। विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने हर महीने के दूसरे और चौथे मंगलवार को रेडियोलॉजिस्ट के लिए वॉक-इन इंटरव्यू शुरू किए हैं। इसके बावजूद अब तक एक भी रेडियोलॉजिस्ट ने आवेदन नहीं किया है। इससे नई मशीनों का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा। इस संबंध में सिविल अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नवदीप सिंह सोही का कहना है कि विशेषज्ञों की कमी के कारण अस्पताल में एल-2 अल्ट्रासाउंड नियमित रूप से नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते हर महीने करीब 50 से 60 गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी केंद्रों में भेजना पड़ता है। विशेषज्ञों की कमी के चलते तैयार कैंसर वार्ड शुरू नहीं हो सका है और अल्ट्रासाउंड सेवाएं भी सीमित संसाधनों के सहारे चल रही हैं। अस्पताल में फिलहाल एक नियमित रेडियोलॉजिस्ट हैं। उनके अलावा 2 सोनोलॉजिस्ट और 2 डॉक्टर रिसोर्स पर्सन सेवाएं दे रहे हैं।


