75 रुपए प्रति मरीज मांग रहा था रिम्स, नहीं आया कोई आगे प्रबंधन ने पूर्व में टेंडर में विश्राम गृह के संचालन के लिए एजेंसी का रेट फिक्स किया था। इसके तहत भर्ती मरीज व उनके परिजनों से शुरुआत के 7 दिनों के लिए 75 रु. प्रतिदिन लिए जाएंगे। 7 दिन के बाद से रोजाना के 100 रु. तय किए गए थे। लेकिन न तो एजेंसी का चयन हो सका और न ही रेट लागू हो सकी। इसके बाद रेट कम कर शुरुआत के 7 दिन के लिए 50 रु. व उसके बाद 100 रु. प्रतिदिन तय किया गया था। पर कोई भी आगे नहीं आया। अब प्रबंधन 25 रु. प्रतिदिन के हिसाब से रेट निर्धारित कर नया टेंडर निकाले की तैयारी कर रही है। रांची|रिम्स में करीब एक साल पहले शुरू हुए 310 बेडेड परिजन विश्राम गृह अब तक पूरी तरह फंक्शन नहीं हो सका है। केवल पहले तल्ले के 50 बेड पर मरीज के परिजनों को जगह दी जा रही है। शेष तल्ले के कमरों में ताला लगा हुआ है। हालांकि, रिम्स प्रबंधन अबतक दो बार एजेंसी चयन के लिए एक्सप्रेशन अॉफ इंटरेस्ट जारी की थी। लेकिन प्रबंधन की शर्तों पर किसी ने संचालन का जिम्मा उठाने की जहमत नही की। नतीजा यह है कि उद्घाटन के डेढ़ साल बाद भी मरीज के परिजनों को इस विश्राम गृह में आराम नहीं मिल सका है। लोग इस बढ़ती ठंड में भी रिम्स के बरामदे में सो कर रात गुजारने को विवश हैं। नवजात व छोटे बच्चे भी ठंड में सोने को मजबूर हैं। कंपकंपाती ठंड में रिम्स परिसर में ट्रॉमा सेंटर के बाहर खुले में सोते लोग | फोटो : माणिक बोस विश्राम गृह मरीजों के परिजनों को आराम देने से कोसों दूर… लोग बाहर खुले में सोने को हैं मजबूर।


