छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में विश्व हाथी दिवस के मौके पर कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने हाथी पर निबंध लिखे, भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दौरान गांवों में रैली निकालकर लोगों को हाथियों के संरक्षण और उनके महत्व के बारे में जागरूक किया गया। रायगढ़ वन परिक्षेत्र के बंगुरसिया, जुनवानी और जामंगा क्षेत्रों के वन अमले ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगुरसिया में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान एसडीओ वन विभाग द्वारा बच्चों को हाथियों के व्यवहार और उनसे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्रों को पुरस्कार भी वितरित किए गए। वहीं तमनार रेंज में भी हाथी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों को हाथियों के जीवन, पर्यावरण में उनकी भूमिका और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसडीओ मनमोहन मिश्रा, रेंजर लीला पटेल, सर्किल प्रभारी प्रेमा तिर्की, रजनी कुजूर, विजय ठाकुर, पालू साहू सहित अन्य वन कर्मचारी भी उपस्थित थे। गांव में निकाली गई रैली खरसिया वन परिक्षेत्र के गुरदा सर्किल अंतर्गत ग्राम बरभौना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने “हाथी और मानव द्वंद” विषय पर निबंध लिखे और भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद विद्यार्थियों और वन विभाग की टीम ने गांव में हाथी से सुरक्षा को लेकर जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित रहने और उनके प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सर्किल प्रभारी गोवर्धन राठौर, सर्किल प्रभारी राधे लाल जयसवाल, वनपाल दिनेश राजपूत और वनरक्षक लखेश्वर सिदार भी मौजूद रहे। ग्रामीणों को जागरूक किया गांव-गांव में ग्रामीणों को भी हाथी के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही ग्रामीणों को बचाव को लेकर जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि हाथी के गांव के करीब आने पर उनसे दूर रहे। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अकेले जंगल न जाए और उनके साथ छेड़छाड़ न करें। सेल्फी के चक्कर में हाथी के करीब न जाए। इसके अलावा कई तरह की जानकारियां भी दी गई।


