वेंडर्स को लोन देने में राजस्थान शीर्ष राज्यों में शामिल:पीएम स्वनिधि में 360 करोड़ से ज्यादा का लोन आवंटित

प्रदेश के शहरों में रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आर्थिक रूप से मददगार बन रही है। इस योजना के क्रियान्वयन में देश के बड़े राज्यों की सूची में राजस्थान का नाम है। केंद्र सरकार की रैंकिंग में डिजिटल लेनदेन और कैशबैक प्राप्त करने वाले वेंडर्स की संख्या में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में अब तक 3.76 लाख से ज्यादा के आवेदन आए हैं। दूसरी ओर , अब तक प्रदेश के 4.7 लाख से अधिक वेंडर्स और उनके परिवारों की सोशियो-इकोनॉमिक प्रोफाइलिंग पूरी हो चुकी है। उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और उज्ज्वला योजना जैसी 8 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा चुका है। वेंडर्स सालाना 1200 रुपए तक का कैशबैक सीधे अपने खातों में प्रा रहे हैं। योजना में जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर जैसे शहर आगे चल रहे हैं जबकि पश्चिम राजस्थान के जिले और कुछ छोटे जिले प्रदर्शन में पिछड़ रहे हैं। इस योजना के तहत वेंडर्स को पहले चरण में 15 हजार, दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार तक का लोन देने का प्रावधान है। अब समय पर भुगतान करने वाले वेंडर को यूपीआई-रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जाने लगी है। प्रदेश में जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे जिले सबसे आगे हैं। जयपुर में करीब 65 हजार से ज्यादा वेंडर्स को ऋण देने का लक्ष्य है। इनमें से अब तक 47 हजार से अधिक आवेदन पर लोन स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह जोधपुर में 20 हजार के लक्ष्य की तुलना में 13 हजार से ज्यादा वेंडर्स को फायदा दिया गया है। वहीं, बीकानेर में 14 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 11306 से ज्यादा वेंडर्स को ऋण वितरित किया जा चुका है। वहीं, अजमेर ने 12517 के लक्ष्य के मुकाबले 9996 की उपलब्धि दर्ज की है। उदयपुर ने 12113 के लक्ष्य के विरुद्ध 8225 वेंडर्स को प्रोत्साहन दिया है। भीलवाड़ा ने 8975 के लक्ष्य की तुलना में 7 हजार से ज्यादा की प्रगति की है। छोटी आबादी के शहरों में आवेदन ही कम बाड़मेर जैसे छोटे शहरी आबादी वाले जिलों में ढाई हजार के आवेदन आए हैं। इनमें से 1900 से ज्यादा को ऋण दिया है। मकराना, दौसा, जैसलमेर, बालोतरा, राजसमंद, सरदार शहर, झालावाड़, सूरतगढ़ व करौली जैसे शहरी निकायों में सर्वाधिक आवेदन मकराना नगरपालिका क्षेत्र में 2740 व दौसा में 2829 आए हैं। इनमें से क्रमश: 2129 और 1823 को ऋण वितरित किया गया है। इन शहरों में सबसे कम आवेदन करौली में 1429 ही आए हैं। इनमें से 1040 को लोन देना दर्शाया गया है।

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