वैज्ञानिकों ने जैविक खेती और मित्र कीटों को बचाने की दी सलाह, अयालकी में कार्यक्रम आयोजित

भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र की ओर से ग्राम पंचायत अयालकी में दो दिवसीय एचआरडी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपनिदेशक डॉ. आरके शर्मा ने किसानों को कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि फसलों में बढ़ता जहर मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। सहायक निदेशक प्रकाश चन्द्रा ने सब्जियों के कीटों के लिए नीम तेल, मिर्च व लहसुन के घरेलू घोल के इस्तेमाल पर जोर दिया। सहायक अधिकारी जितेन्द्र मीना ने पीले-नीले चिपचिपे कार्ड के जरिए कम लागत में कीट नियंत्रण और ट्राईकोडर्मा के इस्तेमाल की जानकारी दी। वैज्ञानिक सहायक रोहितशवा कुमार ने एनपीएसएस मोबाइल एप के जरिए कीट पहचान का लाइव डेमो दिया, वहीं वर्षा ने मित्र कीटों (लेडी बर्ड बीटल, मकड़ी) के संरक्षण की महत्ता बताई। तकनीकी सहायक रिया चावला ने बीजोपचार के लाभ गिनाए। कार्यक्रम में किसानों को ट्राईकोडर्मा पैकेट वितरित किए गए। कृषि पर्यवेक्षक सुरेन्द्र कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

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