गुना जिला न्यायालय ने पंचायत चुनाव की रंजिश में एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने आरोपी दामोदर यादव को दोषी करार देते हुए 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में अहम सबूत मृतक का वह वीडियो बना, जो उसने मरने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। अभियोजन के अनुसार, मामला बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर का है। गांव में सरपंची का चुनाव हुआ था, जिसमें मृतक राधेश्याम और उसके परिवार ने आरोपी दामोदर को वोट नहीं दिया था। इस चुनाव में दामोदर हार गया था। इसी बात की रंजिश पालकर दामोदर, उसका पिता गिर्राज और भाई सोमप्रकाश लगातार राधेश्याम को प्रताड़ित कर रहे थे। उसे मोहल्ले से आने-जाने नहीं दिया जाता था और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। जहर की डिब्बी हाथ में लेकर बनाया वीडियो
प्रताड़ना से तंग आकर 2 नवंबर 2023 को राधेश्याम ने खौफनाक कदम उठा लिया। उसने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो अपलोड किया। वीडियो में वह हाथ में जहर की डिब्बी लिए हुए था और कह रहा था कि “मेरी मौत का जिम्मेदार दामोदर है।” इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। चचेरे भाई चंद्रमोहन और परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। एक दिन पहले भी दी थी मारने की धमकी
चंद्रमोहन ने पुलिस को बताया कि घटना से एक दिन पहले (1 नवंबर 2023) रात 9 बजे भी आरोपियों ने राधेश्याम के साथ मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। मृतक ने पहले भी पुलिस चौकी झागर में शिकायत की थी कि दामोदर उसे मारने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने वीडियो और बयानों को माना अहम सबूत
प्रकरण में राज्य की तरफ से पैरवी लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने की। अदालत ने सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो, गवाहों के बयान और पुलिस की विवेचना को सही पाते हुए आरोपी दामोदर को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना और 7 साल की सजा सुनाई।


