व्याख्याता पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग नियम जारी:दिव्यांग और जल्द रिटायर होने वाले शिक्षक पहले चुनेंगे स्थान

पदोन्नत व्याख्याता ई व टी संवर्ग की काउंसिलिंग में इस बार दिव्यांग शिक्षक और जल्द रिटायर होने वाले शिक्षक सबसे पहले पसंदीदा स्कूल या संस्था चुन सकेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय ने पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग नियमावली जारी की है। व्याख्याता ई व टी संवर्ग की काउंसिलिंग बीएड कॉलेज, शंकर नगर, रायपुर में होगी। तारीख तय होते ही संबंधितों को सूचित किया जाएगा। काउंसिलिंग में दिव्यांग महिला-पुरुष को पहले प्राथमिकता मिलेगी। उसके बाद महिला व पुरुष को वरिष्ठता के हिसाब से स्कूल/संस्था चुनी जाएगी। टी संवर्ग की सभी रिक्त पदों की सूची काउंसिलिंग से पहले एजुपोर्टल पर और काउंसिलिंग के दिन प्रोजेक्टर पर दिखाई जाएगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया 22 जुलाई से शुरू होगी। इससे व्याख्याता व व्याख्याता एलबी पद पर पदस्थापना होगी। शिक्षण सत्र 2026-26 चल रहा है। इसलिए यदि किसी शिक्षक का कार्य हाईस्कूल या हायर सेकेंडरी के साथ उसी परिसर में है, तो उन्हें उसी संस्था के रिक्त पद पर प्राथमिकता दी जाएगी। शासन से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक के लिए वह विषय भरा माना जाएगा। यदि एक विषय पर एक से अधिक शिक्षक हैं, तो वरिष्ठता के हिसाब से पदस्थापना होगी। काउंसिलिंग प्राथमिकता क्रम से होगी। इसमें प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक नियमित और शिक्षक एलबी संवर्ग की वरिष्ठता। एक साल से कम समय में रिटायर होने वालों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। (आधार 1 अक्टूबर 2026 तक)।
मूल पदस्थापना का प्रमाणपत्र संस्था प्रमुख से लाना होगा: सभी पदोन्नत व्याख्याता और व्याख्याता एलबी को यह दिखाना होगा कि वे वर्तमान में किस संस्था में काम कर रहे हैं और उनकी मूल पदस्थापना कहां हुई थी। इसके लिए संस्था प्रमुख द्वारा जारी प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है। पहचान सुनिश्चित करने कोई एक फोटो युक्त शासन द्वारा मान्य पहचान पत्र भी साथ लाना होगा। दिव्यांगता प्रमाण पत्र जरूरी,नहीं तो माना जाएगा सामान्य: यदि पदोन्नत व्याख्याता या व्याख्याता एलबी दिव्यांग हैं, तो उन्हें दिव्यांगता का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। यदि प्रमाण पत्र नहीं है, तो उन्हें सामान्य अभ्यर्थी माना जाएगा। स्थान का चयन करने से इनकार या अनुपस्थित होने पर स्थान का फैसला संचालनालय से: जो शिक्षक काउंसिलिंग में नहीं आएंगे या स्थान चुनने से इनकार करेंगे, उन्हें बचे हुए रिक्त पदों में संचालनालय द्वारा स्थान दिया जाएगा। किसी कारण से अनुपस्थित होने पर एक अतिरिक्त दिन की काउंसिलिंग रखी जाएगी। उसी दिन पदस्थापना आदेश, 7 दिन के भीतर पदभार ग्रहण
पदस्थापना का आदेश काउंसिलिंग के दिन ही जारी होगा। पदस्थापना आदेश मिलने के 7 दिन के भीतर पदभार ग्रहण करना अनिवार्य है।

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