शहर में नियमित रूप से घटित आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण नहीं होने पर चिंता जताते हुए झारखंड चैंबर ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की। चैंबर ने गुरुवार को बैठक कर तीन दिन पूर्व पंडरा ओपी अंतर्गत ओटीसी ग्रांउड के समीप अपराधियों द्वारा की गई छिनतई और गोलीकांड की घटना का उद्भेदन अब तक नहीं होने पर चिंता जताई। सदस्यों ने हाल के दिनों में व्यापारियों के साथ घटित घटनाओं को दुखद बताया और इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस बात पर भी आपत्ति जताई कि क्या कारण है कि पुलिस प्रशासन की सक्रियता के बावजूद अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी के प्रयासों का ही परिणाम है कि सरकार का जीएसटी संग्रह लगातार बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके सरकार के स्तर से लॉ एंड ऑर्डर पर ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंतनीय है। यदि राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तब राज्य के अन्य जिलों का क्या होगा। राज्य की विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन को नए सिरे से समीक्षा करने की जरूरत है। बैठक में जिला पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्रवार पीसीआर वैन और मोबाइल टाइगर के संपर्क नंबर को एक्टिव मोड में लाने की जरूरत है। थाना स्तर पर पुलिस-व्यवसायी समन्वय समिति की बैठकों का आयोजन भी आवश्यक है। बैठक में चैंबर सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य शैलेष अग्रवाल, अमित शर्मा, उप समिति चेयरमैन प्रमोद सारस्वत, मनोज मिश्रा व अन्य उपस्थित थे।


