शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान सनातन धर्म का अपमान है: रश्मि गबेल

जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती के अध्यक्ष रश्मि गवेल ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोकने और उनके साथ हुए व्यवहार की निंदा की है। हसौद रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि खुद को हिंदुओं का हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार हिंदू संतों का अपमान कर रही है। स्थिति यह है कि शंकराचार्य अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं और पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनसे बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया गया। शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान बताया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं और यह पहली बार है जब उन्हें इस परंपरा से रोका गया है। गवेल ने कहा कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान एक निरंतर चलने वाली परंपरा है। भाजपा सरकार ने उन्हें स्नान से रोककर सनातन परंपरा का अनादर किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 वर्षों से केंद्र में है और हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती रही है। इसके बावजूद आज वही सरकार शंकराचार्य और उनके समर्थकों के साथ व्यवहार कर रही है। आरोप है कि उनके शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया। उन्होंने सवाल किया कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी परंपरा को रोकने का अधिकार किसी सरकार को कैसे मिला, जबकि इसे न मुगलों ने रोका और न अंग्रेजों ने। उन्होंने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड-प्लस सुरक्षा दी जाती है, दूसरी ओर शंकराचार्य के समर्थकों के साथ व्यवहार किया जाता है। इस अवसर पर जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, प्रदेश सचिव सुरेंद्र भार्गव, हसौद ब्लाक अध्यक्ष कुशल कश्यप, जैजैपुर ब्लाक अध्यक्ष गोपाल भारद्वाज, भोजराम हरवंश, तोशिबा आनंद लायन, लकेश्वरी लहरे, सीताबाई जाटवर, छोटूदास महंत, हरि खटर्जी, दादू सोनवानी आदि मौजूद थे।

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