मध्यप्रदेश प्रांतीय पुजारी महासभा के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के विरोध में दिया गया। यह घटना प्रयागराज माघ मेले के दौरान हुई थी। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन द्वारा सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर आसीन शंकराचार्य के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है। आरोप है कि इस दौरान उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई और उनकी शिखा पकड़कर घसीटा गया। संगठनों ने इसे पूरे सनातन समाज का अपमान बताया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों पुजारी महासभा, ब्राह्मण विकास परिषद, सनातन धर्म रक्षा परिषद और रघुवंशी समाज सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। ज्ञापन में साधु-संतों के सम्मान की रक्षा करने और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि माघ मेले जैसे पवित्र आयोजन में साधु-संतों पर हमला ‘घोर पाप’ है और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।


