भास्कर न्यूज| जैंतगढ़ आठ दिन मौसीबाड़ी में विश्राम के दाद नौवें दिन प्रभु जगन्नाथ बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ घूरते रथ पर सवार होकर श्रीमंदिर पहुंचे। इस बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किया तथा भोग चढ़ाया। आरती के बाद तीनों विग्रहों को विधि विधान के साथ रथ से उतार कर श्री मंदिर के गर्व गृह में स्थापित किया गया। इस बीच प्रभु के जयघोष, घंटों की ध्वनि और शंख ध्वनि से समूचा परिसर गुंजायमान होता रहा। इससे पूर्व मौसीबाड़ी में आज सुबह विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भी प्रभु के दर्शन किए तथा भोग चढ़ाया। रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लगभग दो घंटे बाद श्रद्धालुओं ने रथ को खींच कर श्री मंदिर पहुंचाया। इस अवसर पर चंपुआ में मेला का आयोजन भी हुआ।


