शताब्दी वर्ष पर नागौर विभाग में उमड़ेगा हिंदू शक्ति ज्वार:चार रविवारों में होंगे 336 सम्मेलन, कल 61 स्थानों पर होगा शंखनाद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर नागौर विभाग में कार्यक्रमों की एक विशाल श्रृंखला तैयार की गई है। संघ की सांगठनिक दृष्टि से नागौर विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों जिलों में कल से हिंदू सम्मेलनों का महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से संघ अपनी शताब्दी यात्रा के गौरवमयी इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ हिंदू समाज में नई चेतना और एकजुटता का संचार करेगा। विभाग के तीनों जिलों में होने वाले इन आयोजनों को लेकर स्वयंसेवकों ने पिछले कई दिनों से गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर व्यापक जनसंपर्क किया है, जिससे कार्यक्रमों में भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। ​कल 18 जनवरी को 61 स्थानों पर होगा प्रथम चरण का आगाज अभियान के पहले चरण की शुरुआत कल रविवार, 18 जनवरी को होने जा रही है। विभाग की योजना के अनुसार, कल पहले रविवार को नागौर विभाग के तीनों जिलों में एक साथ 61 महत्वपूर्ण स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्धजनों और स्वयंसेवकों की भारी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कार्यक्रमों के दौरान संघ के वरिष्ठ प्रचारकों और पदाधिकारियों का पाथेय प्राप्त होगा, जो शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों और सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर जोर देंगे। कल होने वाले ये 61 सम्मेलन पूरे माह चलने वाले आयोजनों की नींव रखेंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों का बोध कराना है। ​चार रविवारों का विशेष कैलेंडर और 338 सम्मेलनों का लक्ष्य शताब्दी वर्ष के इन कार्यक्रमों की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आगामी चार रविवारों तक पूरा विभाग भगवामय नजर आएगा। 18 जनवरी के सफल आगाज के बाद, कार्यक्रमों का यह सिलसिला 25 जनवरी को भी निरंतर जारी रहेगा। इसके पश्चात फरवरी माह के प्रथम दो रविवारों, यानी 1 फरवरी और 8 फरवरी को भी विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में सम्मेलनों की धूम रहेगी। कुल मिलाकर इन चार विशेष रविवारों के भीतर पूरे नागौर विभाग में 336 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। रविवार का चयन इसलिए किया गया है ताकि समाज के कामकाजी वर्ग, युवाओं और सपरिवार नागरिकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। ​सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचने का संकल्प इन 336 सम्मेलनों का स्वरूप केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर सुदूर ग्रामीण अंचलों और ढाणियों तक फैला हुआ है। नागौर विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों जिलों के प्रत्येक खंड और मंडल स्तर पर इन आयोजनों की सूक्ष्म रूपरेखा बनाई गई है। सम्मेलनों के दौरान विभिन्न सत्रों में वक्ता संघ के ध्येय, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका और आगामी दशकों की चुनौतियों पर प्रकाश डालेंगे। शताब्दी वर्ष के इस महापर्व के जरिए नागौर विभाग में हिंदू समाज की एकजुटता का एक नया अध्याय लिखने की तैयारी है, जो आने वाले समय में संघ के विस्तार और समाज के साथ उसके गहरे जुड़ाव को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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