शब-ए-बरात के पर जेएलकेएम के अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष शाकिर अंसारी ने कहा कि शब-ए-बारात इबादत, आत्ममंथन और अल्लाह से गुनाहों की माफी मांगने की रात है। शाकिर अंसारी ने बताया कि इस मुबारक रात में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और दुआओं के जरिए अपने तथा समाज की भलाई की कामना करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस रात को इबादत और संयम के साथ मनाएं तथा किसी भी तरह की अफवाह और दिखावे से बचें। उन्होंने कहा कि शब-ए-बारात हमें आपसी भाईचारे, इंसानियत और समाज में शांति बनाए रखने का संदेश देता है। अंत में उन्होंने जिले में अमन-चैन की दुआ की।


