आगर मालवा में गुरुवार को मुस्लिम समुदाय ने शब-ए-बारात का पवित्र त्योहार पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस्लामी कैलेंडर के शाबान माह की 15वीं रात को मनाए जाने वाले इस पर्व पर मस्जिदों में विशेष नमाज का आयोजन किया गया। कब्रिस्तानों की हुई सफाई श्रद्धालुओं ने रातभर जागकर इबादत की और अल्लाह से रहमत की दुआएं मांगी। मस्जिदों और दरगाहों को रोशनी से सजाया गया, जहां धार्मिक उलेमाओं ने इस पवित्र रात के महत्व पर प्रकाश डाला। समुदाय के लोगों ने अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ी और चादर चढ़ाई। इस दौरान कब्रिस्तानों में विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया। त्योहार की परंपरा के अनुसार, घरों में हलवा बनाया गया, जिसे न केवल परिवार और पड़ोसियों में बांटा गया, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी वितरित किया गया। शब-ए-बारात को इबादत की रात और गुनाहों से माफी की रात के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर लोगों ने कुरान शरीफ की तिलावत की और नेक कार्यों के माध्यम से सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।


