विदिशा के शमशाबाद में पुलिस पर एक व्यापारी से मारपीट और अवैध वसूली का आरोप लगा है। मामला शमशाबाद निवासी बलराम साहू से जुड़ा है। बलराम साहू का कहना है कि शनिवार को थाने में उन्हें पैसे लौटाने के बहाने बुलाया गया, लेकिन वहां उनसे 45 हजार रुपए की मांग की गई। मना करने पर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। बलराम साहू ने पांच महीने पहले परिचित शिवलाल अहिरवार को 60 हजार रुपए ब्याज पर दिए थे। इसके बदले उन्होंने शिवलाल की पिकअप गाड़ी को लिखपढ़ी करवाकर गिरवी रखा। दो महीने बाद शिवलाल ने उसी वाहन की चोरी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पिकअप को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया। मारपीट और अवैध वसूली का आरोप बलराम साहू के परिजनों के अनुसार, थाने में गिरवी के कागजात ले लिए गए और उल्टा तीन महीने का पिकअप किराया 45 हजार रुपए मांगा गया। जब बलराम साहू ने यह रकम देने से इनकार किया, तो उन्हें पीटा गया और उनकी जेब से 10 हजार रुपए भी निकाल लिए गए। घटना के बाद बलराम साहू को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने बलराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। उनके परिजनों को एसडीएम कार्यालय से जमानत करानी पड़ी। व्यापारियों में आक्रोश, शमशाबाद बंद की चेतावनी इस घटना से शमशाबाद के व्यापारियों में भारी नाराजगी है। सोमवार देर रात करीब 350 व्यापारियों ने बैठक कर थाना प्रभारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो बुधवार को पूरा शमशाबाद बंद रहेगा। व्यापारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे व्यापारिक समुदाय की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


