बीना में शरद पूर्णिमा की रात मोतीचूर नदी तट पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। रात 9 बजे शुरू हुई इस वार्षिक परंपरा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान से हुआ। श्रद्धालुओं ने मोतीचूर नदी को चुनरी चढ़ाई और जल का पूजन किया। इसके बाद गंगा आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान “मां गंगे” और “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मोतीचूर नदी पर गंगा आरती की यह परंपरा लगभग नौ वर्ष पहले स्थानीय श्रद्धालुओं के प्रयासों से शुरू हुई थी। समय के साथ यह आयोजन पूरे क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। अब हर साल शरद पूर्णिमा पर यहां बड़ी संख्या में भक्त जुटते हैं। समिति ने मोतीचूर नदी तट को आकर्षक रूप से सजाया था। घाट परिसर को रंगीन लाइटों और फव्वारों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा उठा। भक्तों ने जल में तैरते दीपक प्रवाहित कर दीपदान किया, जिससे नदी का हर कोना स्वर्णिम आभा से चमक रहा था। इस अवसर पर विधायक निर्मला सप्रे, नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार, उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया और मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय सहित कई लोग मौजूद रहे। यह आयोजन मां मोतीचूर नदी जल और पर्यावरण संरक्षण समिति ने किया था।


