टीकमगढ़ की नैनवारी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने नशा मुक्ति का बड़ा अभियान शुरू किया है। मंगलवार को हुई एक बैठक में शराब पीने और बनाने पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार का भी फैसला लिया गया। ग्रामीणों ने हनुमान मंदिर में एक बैठक बुलाई, जिसमें शराब का सेवन नहीं करने, शराब बनाने और बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया। इस संबंध में एक पंचनामा तैयार कर पुलिस को सौंपा गया है। गांव के धर्मदास अहिरवार, प्रमोद लोधी और विजय राजपूत ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार, पहली बार शराब या गांजा पीने वाले पर 5 हजार रुपए और बनाने वाले पर 11 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके साथ ही उनका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। शादी या अन्य कार्यक्रम होने पर भी छूट नहीं मिलेगी यदि कोई व्यक्ति इसके बाद भी शराब पीता है तो उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा, जबकि शराब बनाने वाले पर 51 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह भी तय किया गया है कि किसी के घर में शादी या अन्य कार्यक्रम होने पर भी इन नियमों में कोई सिफारिश नहीं चलेगी। ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया है कि शराब पीने या गांजा बनाने वाले को पकड़ने वाले व्यक्ति को जुर्माने की आधी राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। यह पहल नशे के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों को बचाने के उद्देश्य से की गई है।


