खंडवा के पदमनगर थाना क्षेत्र में इंदौर नाका स्थित ‘बाबा का ढाबा’ पर बुधवार देर रात अवैध शराब की बिक्री को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। शराब ठेकेदार और ढाबा संचालक के लोग आमने-सामने हो गए और नौबत लाठी-डंडे चलने तक आ गई। इस संघर्ष में चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे, जहां देर रात शराब ठेकेदार इंदल सिंह पंवार की शिकायत पर ढाबा संचालक दिलीप यादव के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस को ढाबे पर अवैध शराब बिकने की सूचना मिली थी, जिस पर पदमनगर थाने की टीम ने वहां दबिश दी। पुलिस अधिकारियों को तलाशी में कुछ नहीं मिला और वे वापस लौटने लगे। तभी शराब ठेकेदार इंदल सिंह पंवार के कर्मचारियों ने पुलिस से कहा कि ढाबे के भीतर शराब नहीं मिली, लेकिन हम बताते हैं कि कहां रखी है। इसी बात को लेकर पुलिस तो अलग हो गई, लेकिन ठेकेदार और ढाबा संचालक के कर्मचारी आपस में भिड़ गए। थाने में जमी भीड़, मेडिकल कराया गया
वारदात के बाद दोनों पक्ष शिकायत करने पदमनगर थाने पहुंच गए, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई। कुछ देर बाद पहुंचे टीआई प्रवीण आर्य ने लोगों को थाने से बाहर किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायती आवेदन लिए और घायलों का मेडिकल कराया। पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई की बात कर रही है। दुकान की बिक्री पर असर, दोनों पक्ष रसूखदार
दरअसल, जिस क्षेत्र में ढाबा है, वहीं पर शराब की दुकान भी है। ढाबे पर अवैध रूप से बाहर से लाकर शराब बेचने के कारण ठेकेदार की दुकान की बिक्री पर असर पड़ता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। हालांकि, ढाबा मालिक और शराब ठेकेदार दोनों ही सत्ताधारी दल के एक शीर्ष नेता के करीबी बताए जाते हैं, जिस कारण पहले भी कई बार इनके बीच समझौता हो चुका है। गैंगवार की आशंका, शहर में तनाव
दोनों पक्षों में लंबे समय से तकरार के बाद पहली बार सड़क पर खुला संघर्ष देखा गया है। वैध और अवैध शराब कारोबार से जुड़े दोनों गुट सामाजिक रूप से सक्षम हैं, जिसके चलते शहर में अब गैंगवार की संभावना बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि पुलिस ने समय रहते अवैध शराब की बिक्री पर एक्शन नहीं लिया तो बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। शहर में शराब सिर्फ ढाबों पर ही नहीं, बल्कि किराना दुकान और पान गुमटियों में भी बिक रही है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा… शराब ठेकेदार इंदल सिंह पंवार: “ढाबे पर अवैध शराब बेची जा रही थी। हमारे कुछ कर्मचारी पुलिस के साथ खड़े थे। उनके साथ मारपीट की गई हैं। शिकायत पर एफआईआर हुई हैं। अवैध शराब बिकेगी तो ठेकेदारों को नुकसान तो होगा।” ढाबा मालिक दिलीप यादव: “पुलिस टीम को दबिश देने के लिए भेजा गया था। एक पेटी शराब भी ढाबे पर नहीं मिली। ठेकेदार के लोगों ने पुलिस को बहकाया। मेरे भतीजे को चोटें आई हैं। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ हैं। पुलिस से शिकायत की हैं। वे लोग मोनोपॉली चलाना चाहते हैं, लेकिन हर धंधे का एक उसूल होता हैं। हम लोग नियम से चल रहे हैं।”


