अमृतसर| श्री दुर्ग्याना मंदिर कमेटी प्रधान लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि पंजाब सरकार समेत सभी प्रांतों की सरकारें जोर शोर से शराब पिला रही हैं, बेच रही हैं और चुनावों के दिनों में शराब की छबीलें भी लगती हैं। कुछ वर्ष पहले भाजपा-अकाली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने तो यह भी कह दिया था कि शराब नशा ही नहीं होता, पर यह नहीं बताया था कि यह किस रोग की दवाई है। अभी लोहड़ी के दिन ही पंजाब में शराब का विनाशकारी असर दिखाई दिया। कितनी सड़क दुर्घटनाएं हुईं, परिवारों में क्लेश हुए। जिला अमृतसर के कस्बा मजीठा में सेना के एक सूबेदार मेजर ने बेटे से नाराज होकर अपने ही घर में आग लगा दी और फिर जब लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस के अनुसार पुलिस पर भी दोनाली से गोलियां चलाईं। ऐसे ही पटियाला में नशे में धुत युवक ने लोहड़ी मना रहे लोगों पर कार चढ़ा दी, जिसमें रेल कर्मचारी की मौत हो गई और आधी दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। पंजाब सरकार से यह निवेदन है कि थोड़ी हिम्मत करके यह बता दे कि केवल लोहड़ी के दिन शराब के कारण कितनी दुर्घटनाएं, कितनी हत्याएं और कितने झगड़े हुए। फिर भी शराब अच्छी लगे तो पिलाती रहे।


