शहडोल में फर्जी फाइनेंसिंग गिरोह का खुलासा:4 आरोपी गिरफ्तार, आदिवासियों के नाम पर 18 लाख से ज्यादा की ठगी की

शहडोल के सिंहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े फर्जी फाइनेंसिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह गरीब आदिवासियों को निशाना बनाकर उनके नाम पर दोपहिया और चारपहिया वाहन फाइनेंस कराता था, फिर वाहनों को गायब कर देता था। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 18 लाख रुपए से अधिक कीमत के 14 वाहन जब्त किए हैं। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गरीब आदिवासियों को वाहन दिलाने का देते थे लालच इस धोखाधड़ी का खुलासा सिंहपुर निवासी अनवर अली की शिकायत के बाद हुआ। अनवर अली ने पुलिस को बताया कि रावेंद्र गुप्ता और अभयराज द्विवेदी अपने साथियों रविकांत सोनी, नुमान खान, मोहित बैगा और जयकुमार राव के साथ मिलकर गरीब आदिवासियों को वाहन दिलाने का लालच देते थे। आरोपी पहले आदिवासियों के दस्तावेज जुटाते थे, फिर एजेंटों के माध्यम से फाइनेंस कंपनियों और एजेंसियों से वाहन फाइनेंस कराते थे। आरोपी डाउन पेमेंट भी खुद ही करते थे ताकि आदिवासियों को कोई शक न हो। वाहन फाइनेंस होते ही आरोपी उन्हें अपने कब्जे में ले लेते थे और औने-पौने दामों में अन्य लोगों को बेच देते थे। इससे आदिवासी लोग किस्तों के बोझ में फंस जाते थे। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने की जांच शिकायत के आधार पर सिंहपुर थाने में धारा 318 और 316 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने रावेंद्र गुप्ता, अभयराज द्विवेदी, रविकांत सोनी और मोहित बैगा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। नुमान खान और जयकुमार राव अभी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से 14 वाहन बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 वाहन जब्त किए हैं, जिनमें 1 टाटा इंटर कार, 6 पिकअप वाहन, 2 अपाचे बाइक, 1 स्प्लेंडर, 1 बजाज सिटी 100, 1 टीवीएस जुपिटर, 1 टीवीएस सुजुकी एक्सेस और 1 टीवीएस स्पोर्ट शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि इस गिरोह ने ग्राहक तलाशने, फाइनेंस कराने और वाहन ठिकाने लगाने के लिए बाकायदा एजेंट नियुक्त कर पूरी व्यवस्था बना रखी थी। उन्होंने संकेत दिए कि इस फर्जीवाड़े में फाइनेंस कंपनियों और एजेंसियों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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