शहडोल जिले में यात्री बसों के संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। परिवहन विभाग ने बिना परमिट और फिटनेस के चल रही दो बसों पर कार्रवाई करते हुए कुल 15,000 रुपए का चालान काटा है। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, रीवा रोड पर यातायात टीम द्वारा बसों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान दादू एंड संस की बस (एमपी 17 पी 1248) को रोका गया। जांच में बस फिटनेस में फेल पाई गई। बस का इमरजेंसी एग्जिट विंडो भी काम नहीं कर रहा था, जिसे ड्राइवर ने पाना (स्पैनर) की मदद से खोलने की कोशिश की। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। मौके पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बस पर 5,000 रुपए का चालान लगाया गया। इसी दौरान एक और बड़ा मामला सामने आया। कैपिटल बस (एमपी 18 पी 0206) को ब्यौहारी से प्रयागराज के लिए एक दिन का विशेष परमिट दिया गया था। हालांकि, यह बस नियमों का उल्लंघन करते हुए शहडोल बस स्टैंड से स्टेज कैरिज परमिट के रूप में संचालित की जा रही थी। बस में शहडोल से गोपारू, खानौधी और जयसिंहनगर जाने वाले यात्री बैठे हुए मिले, जबकि बस के पास इन मार्गों पर संचालन का परमिट नहीं था। बिना परमिट संचालन करते पाए जाने पर बस पर 10,000 रुपये का चालान लगाया गया। इन दोनों मामलों में यातायात सूबेदार प्रियंका शर्मा द्वारा कार्रवाई की गई। लगातार सामने आ रही इस तरह की लापरवाहियां बस मालिकों की मनमानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग की निगरानी और अभियान को और सख्त करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


