शहद और मशरूम से कमाई के गुर सिखाए

लुधियाना। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के प्रोसेसिंग एवं फूड इंजीनियरिंग विभाग ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के फसलोत्तर प्रौद्योगिकी पर आधारित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत कृषि प्रसंस्करण एवं उद्यम विकास पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मल्कपुर बेट, हसनपुर, लोहटबद्धी और आसपास के क्षेत्रों के 25 अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. एम.एस. आलम, प्रिंसिपल साइंटिस्ट ने फसलोत्तर प्रौद्योगिकियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने में सूक्ष्म उद्यमों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मसालों और शहद से जुड़े रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। डॉ. मनप्रीत कौर सैनी ने बेहतर आमदनी के लिए अनाज और दालों के वैज्ञानिक भंडारण पर जानकारी दी। वहीं, डॉ. संध्या ने अनाज, तिलहन और दालों की प्रसंस्करण तकनीकों पर चर्चा की।

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