मौसम रिपोर्टर |बिलासपुर जिले में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। उसकी वजह ये है कि रात का तापमान सामान्य से चार डिग्री नीचे चला गया है। पिछले दिसंबर में 17 तारीख को 9.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था जबकि इस बार दस तारीख को ही लगभग इतना ही यानी 9.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। जिले में लगातार चौथे दिन तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री तक कम रिकॉर्ड हुआ। नवंबर के बाद दिसंबर में ठंड ने लोगों की हालत खराब कर रखी है। मंगलवार के बाद बुधवार को पारा लुढ़कने का असर सुबह से ही महसूस हुआ। कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किए रखा। हालांकि धूप निकलने के बाद थोड़ी राहत मिली, लेकिन दोपहर के दो-तीन घंटे बाद फिर ठंड महसूस होने लगी। दोपहर में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ जो कि सामान्य से 0.2 डिग्री कम रहा। एक दिन पहले यह 29 डिग्री पहुंच गया था, यानी 24 घंटे में दो डिग्री की गिरावट हुई। न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री था जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 9.8 डिग्री पर पहुंच गया। यह सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। 26 दिसंबर 2015 7.8 डिग्री 18 दिसंबर 2016 8.2 डिग्री 26 दिसंबर 2017 9.1 डिग्री 30 दिसंबर 2018 7.2 डिग्री 29 दिसंबर 2019 6.5 डिग्री 20 दिसंबर 2020 7.8 डिग्री 20 दिसंबर 2021 7.0 डिग्री 9 दिसंबर 2022 10.8 डिग्री 20 दिसंबर 2023 10.2 डिग्री 17 दिसंबर 2024 9.6 डिग्री (स्रोत-मौसम विभाग रायपुर) पेंड्रारोड से 8.6 डिग्री पारा प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। वहां पारा 5 डिग्री रहा। वहीं, पेंड्रारोड में 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 3.3 डिग्री कम रहा। ग्रामीण इलाकों में तो शीतलहर जैसी स्थिति है। कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हो चुके हैं। ठंड से बचाव के उपाय कर रहे हैं लेकिन उन्हें इससे राहत मिलने का इंतजार है।


