शहर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषित पानी अब जानलेवा बनता जा रहा है। NGT के सख्त आदेशों के बावजूद अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। यहां रीको और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही से सड़कें केमिकल युक्त गंदे पानी से लबालब हो रही हैं। शनिवार को भी रीको कार्यालय के सामने सड़क पर जहरीला पानी बहता नजर आया। इससे न सिर्फ दुकानदार बल्कि आसपास के हजारों निवासी प्रभावित हो रहे हैं। घरों के नलों तक पहुंचा पानी स्थानीय दुकानदार बजरंग ने दैनिक भास्कर को बताया, यहां कई जगहों पर केमिकल का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। कई बार यही पानी हमारे घरों के नालों तक पहुंच जाता है, जिससे पीने का पानी भी दूषित हो जाता है। हम लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन अफसर कान पर हाथ रखे बैठे हैं। जबकि यही पानी बासनी गांव के मेघवालों की ढाणी में एक दिन पहले भी यह पानी घुस गया था, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का आरोप है कि रीको के नालों की सफाई के नाम पर ठेका तो दिया जाता है, लेकिन काम वर्षों से नहीं हो रहा। कचरे से भरे नाले पानी की निकासी रोक रहे हैं। सांगरिया के JPNT प्लांट तक जाने वाली केमिकल लाइन पर भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इलाके में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे पूरा इलाका नासूर बनता जा रहा है NGT के आदेशों पर भी गौर नहीं बता दें कि प्रदूषित पानी को लेकर NGT ने सड़कों और खेतों तक प्रदूषित पानी रोकने के साफ आदेश दिए थे, इसके अलावा नदी में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा, लेकिन जोधपुर के अफसर इन्हें ठेंगा दिखा रहे हैं। बासनी के निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि नालों की सफाई कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर एक्शन लिया जाए।


