शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए शुक्रवार को नगर परिषद प्रशासन सख्त नजर आया। नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या के नेतृत्व में टीम ने शहर के मुख्य मार्ग मंडावा मोड़ से एलआईसी (LIC) ऑफिस रोड तक विशेष अभियान चलाकर स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाए। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों के विरोध और आपसी खींचतान के चलते माहौल गरमा गया, जिसे देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि बिना किसी सूचना के तोड़फोड़ कर दी गई है। लोगों ने विरोध भी किया। नगर परिषद की टीम सुबह जेसीबी और लवाजमे के साथ मंडावा मोड़ पहुंची। यहां सड़क सीमा के भीतर रखे गए अवैध केबिन, टीन-शेड, थड़ी-ठेले और पक्के निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई। आयुक्त बोचल्या ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानदारों ने अपनी सीमा से बाहर निकलकर सड़क पर सामान और स्थाई ढांचे खड़े कर लिए हैं, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। दुकानदारों का आरोप बिना सूचना के कर दी तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कड़ा विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस दिए अचानक यह कार्रवाई शुरू कर दी। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें अपना सामान समेटने तक का मौका नहीं दिया गया, जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान परिषद के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान भी देखने को मिली। पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ हंगामा हंगामे और विरोध की स्थिति को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जाप्ते ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस के संरक्षण में नगर परिषद की टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण साफ किए।


