शहर के मादड़ी में 3 दिन पहले हादसा:पुलिया के मलबे में दबे युवक ने दम तोड़ा, ढांचा कमजोर था, 5 घंटे में गिरा

शहर के मादड़ी इलाके में तीन दिन पहले निर्माणाधीन पुलिया ढहने से घायल हुए तीन लोगों में से एक की सोमवार को मौत हो गई। दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। पुलिया का हिस्सा ढहने के पीछे घटिया निर्माण सामग्री और कमजोर ढांचा खड़ा किया जाने जैसे कारण सामने आ रहे हैं। यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हादसे में मारे गए बेड़वास निवासी श्यामलाल मेघवाल (30) के भाई ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सोमवार को श्यामलाल की मौत के बाद परिजन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए और शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में अधिकारियों की समझाइश और 16 लाख रुपए के मुआवजे और मृतक की पत्नी को यूडीए में संविदा पर नौकरी के आश्वासन पर शव उठाया। दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बता रहे
गत 13 दिसंबर को पुलिया पर लेंटर डालने का काम शुरू किया गया। यह शाम करीब 6 बजे पूरा हुआ। जिन लोहे के पिलर और पाइपों के सहारे लेंटर डाला गया, वे 5 घंटे भी नहीं टिक पाए। रात करीब 11 बजे सीमेंट, कंक्रीट, सरिये, बल्लियों समेत पुलिया का एक हिस्सा नीचे आ गिरा। इसी दौरान वहां से बाइक लेकर गुजर रहे श्यामलाल मलबे के नीचे दब गए। पैदल गुजर रहे दो युवक भी चपेट में आए। स्थानीय लोगों ने तीनों को निकालकर एमबी हॉस्पिटल में पहुंचाया। गंभीर हालत के बीच श्यामलाल ने सोमवार को दम तोड़ दिया। अन्य दो युवकों का उपचार जारी है। हालांकि, अस्पताल की ओर से उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग की श्यामलाल की मौत की खबर लगते ही परिजन और समाजजन बड़ी संख्या में सोमवार को एमबी हॉस्पिटल में एकत्र हो गए। मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग करते हुए शव नहीं लिया। संबधित अधिकारियों और निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने और लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की। पुलिस ने समझाइश की, लेकिन परिजन कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। फिर एसडीएम रिया डाबी, यूडीए के तहसीलदार-पटवारी, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, कांग्रेस नेता फतेहसिंह राठौड़ समेत कई लोग मोर्चरी पहुंचे। जहां यूडीए के तरफ से 11 लाख, चिरंजीवी योजना के तहत 5 लाख रुपए का मुआवजा और मृतक की पत्नी को यूडीए में संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम पोस्टमार्टम हुआ और परिजनों ने शव लिया। मृतक की शादी 5 साल पहले हुई, पत्नी गर्भवती
एमबी अस्पताल में हंगामे के दौरान परिजनों ने बताया कि श्यामलाल की 5 साल पहले ही शादी हुई थी। उनकी 4 साल की एक बेटी है। उसकी पत्नी अभी गर्भवती है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी व बच्ची को संभालने वाला श्यामलाल ही था। अब उसके परिवार की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। मुआवजे-संविदा पर नौकरी से परिवार को संबल मिलेगा। निर्माण के बावजूद बंद नहीं किया था ट्रैफिक
शहर में भुवाणा-बलीचा बाईपास निर्माण का काम चल रहा है। इसी के तहत मादड़ी में नवनीत मोटर्स के पास यह पुलिया बनाई जा रही है। इसका निर्माण भारती कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। यहां काम के दौरान लापरवाही का भी मामला सामने आया। निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक की आवाजाही लगातार बनी रही। ट्रैफिक बंद नहीं किया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *