शहर में 4 ब्लैक स्पॉट:जामचुआं मोड़, दलादली चौक, खेलगांव मोड़ और नामकुम थाना रोड पर संभल कर चलें

राजधानी की विभिन्न सड़कों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाने वाले सवार लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कहीं अंधा मोड़ तो कहीं सुनसान सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार दुर्घटना का कारण बन रही है। जिला प्रशासन ने ऐसी 4 जगहों को चि​ह्नित कर ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। खेलगांव चौक, नामकुम के जामचुआं, दलादली चौक और नामकुम थाना के सामने वाले मार्ग को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। इनमें से हर स्थान पर पिछले 3 साल में 10 से ज्यादा लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है। तीन साल तक किए गए एनालिसिस के आधार पर इन चारों जगहों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में राजधानी में जनवरी से मई के बीच हुई 322 सड़क दुर्घटनाओं में 237 लोगों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2025 के पिछले 5 महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 354 सड़क दुर्घटनाओं में 250 लोगों की मौत तक पहुंच गया है। 18 से घटकर 2 रह गए थे ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना के साथ फिर बढ़ कर 4 हो गए 5 साल पहले राजधानी में 18 जगहों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कई उपाय किए। जिले में दुर्घटना की संख्या तो उस अनुपात में कम नहीं हुई, लेकिन ब्लैक स्पॉट की संख्या 18 से कम होकर 2 रह गई थी। हालांकि पिछले 3 साल के एना​िलसिस के बाद यह संख्या एक बार फिर बढ़कर 4 हो गई है। जिला प्रशासन ने अब खेलगांव चौक, जामचुआं टर्निंग, दलादली चौक और नामकुम थाना रोड को ब्लैक स्पॉट चिह्नित किया है। रुक नहीं रहीं सड़क दुर्घटनाएं, 5 महीने में ही 10 प्रतिशत बढ़ गए हादसे जिला प्रशासन के लगातार प्रयास के बाद भी राजधानी में पिछले 5 साल में दुर्घटनाओं में हुई मौत का आंकड़ा डराने वाला है। क्योंकि साल दर साल दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मौत की संख्या बढ़ती चली गई। राजधानी में वैसी जगहों को अब ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। इन चिह्नित जगहों पर ब्रेकर बना कर और शाइनेज लगाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास जिला प्रशासन करेगा। कौन से ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना का क्या है कारण… 1. खेलगांव चौक कोकर-बुटी मोड़ मार्ग पर खाली व खुली सड़क होने की वजह से वाहनों की रफ्तार बहुत तेज होती है। यहीं पर लालगंज व होटवार की ओर से आने वाले वाहन भी मुख्य मार्ग में प्रवेश करते हैं। मोड़ पर ट्रैफिक नियंत्रित नहीं होने से यहां अक्सर दुर्घटना होती रहती है। 2. नामकुम का जामचुआं रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर जामचुआं के पास रोड घुमावदार है। इससे तेज रफ्तार वाहनों का संतुलन अचानक से बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटना हो जाती है। मुख्य मार्ग पर डिवाइडर में जहां-तहां कट होने से भी आदमी या पशु सड़क पार करते हैं और वाहन की चपेट में आ जाते हैं। 3. दलादली चौक : डालटनगंज व लोहरदगा से आईटीआई जाने वाली गाड़ियों की रफ्तार तेज होती है। रामपुर की ओर से आने वाले वाहन सवार पेट्रोल पंप के पास कट में लालगुटवा की ओर जाने के लिए तेजी से मुड़ते हैं, जिससे विकास की ओर से आने वाली गाड़ियों के साथ टक्कर हो जाती है। यहां कई दुर्घटनाओं में मौत भी हुई है। 4. नामकुम थाना के पास : यहां होटल व स्कूल हैं और सड़क की चौड़ाई भी कम है। सिदरौल के पास तीखा टर्निंग होने से सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। आसपास कई गोदाम हैं, सड़क किनारे ही बड़े मालवाहक वाहन खड़े रहते हैं। इन ट्रकों के पीछे से बाइक सवार अचानक बीच सड़क पर आ जाते हैं, सामने से आ रहा वाहन चपेट में ले लेता है।

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