राजसमंद जिले में बिनोल से साकरोदा तक करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। पांच वर्ष पूर्व डबल डामरीकरण से बनी यह सड़क अब कंकरी और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है, फिर भी आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पुलवामा शहीद के गांव को जोड़ती है यह सड़क यह वही सड़क है जो पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए मेवाड़ के एकमात्र सीआरपीएफ जवान शूरवीर नारायणलाल गुर्जर के पैतृक गांव बिनोल को जोड़ती है। शहीद के गांव तक पहुंचने वाली सड़क की यह हालत ग्रामीणों के साथ-साथ आमजन की भावनाओं को भी आहत कर रही है। विधायक फंड से बनी, 5 साल भी नहीं चले ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी के विधायक निधि से स्वीकृत हुई थी और उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव के दौरान इसका निर्माण कराया गया था। सड़क बने अभी पांच साल भी पूरे नहीं हुए, लेकिन इसकी हालत इतनी खराब हो गई है कि पूरी सड़क उखड़ चुकी है। पेंच वर्क के बाद भी नहीं सुधरे हालात ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले सड़क पर सैकड़ों स्थानों पर पेंच वर्क कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति और बदतर होती चली गई। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे दुपहिया और चार पहिया वाहन असंतुलित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। दुपहिया-चार पहिया चालकों को भारी परेशानी ग्रामीण रोशन लाल दवे ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। आए दिन वाहन फिसल जाते हैं या गड्ढों में गिरकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वहीं रामलाल गुर्जर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री संपर्क सड़क योजना की यह हालत है तो अन्य ग्रामीण सड़कों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कलेक्टर से की शिकायत, कार्रवाई की मांग गांव के भेरूलाल दवे, जयदीप सिंह, भेरूलाल सैन, देवीलाल पालीवाल, शैतान सिंह राठौड़, राजू भाई चोरड़िया, विनोद, पप्पू दास, भंवरलाल रैगर, किशन सालवी, प्रकाश सोनी, कैलाश सालवी, शंकर लाल नाई सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि सड़क को तुरंत दुरुस्त कराया जाए, ताकि किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके। दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।


