शाजापुर जिले के गौरव राष्ट्रकवि पं. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ की 128वीं जयंती पर नगर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न संस्थाओं ने काव्य पाठ, माल्यार्पण और स्मरण कार्यक्रमों के माध्यम से ‘नवीन’ जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे नगर में साहित्यिक वातावरण बना रहा। पं. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ के नाम पर स्थापित शासकीय महाविद्यालय में उनकी जयंती धूमधाम से मनाई गई। नगर पालिका सभागार में भी ‘नवीन’ जयंती पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां विधायक अरुण भीमावद ने स्वतंत्रता संग्राम में ‘नवीन’ जी के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। इस गोष्ठी में डॉ. आरती तिवारी (रीवा), पंकज पलाश, रूद्रप्रताप रूद्र, रागिनी झा और संदीप सोनी सहित कई कवियों ने प्रभावशाली काव्य पाठ किया, जिससे सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। इस अवसर पर विधायक भीमावद ने ‘नवीन’ जी को राष्ट्र के प्रति समर्पित साहित्यकार बताया। उन्होंने उनकी कालजयी कृतियों जैसे कुंकुम, रश्मिरेखा, अपलक और क्वासी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विपुल कसेरा ने की, जिन्होंने महाविद्यालय का पूर्ण नाम पुनः ‘पं. बालकृष्ण शर्मा नवीन शासकीय महाविद्यालय, शाजापुर’ किए जाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भी ‘नवीन’ जी की जयंती मनाई गई। समाजजनों ने शहीद पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने घोषणा की कि ‘नवीन’ जी के सम्मान में प्रतिवर्ष ‘पं. बालकृष्ण शर्मा नवीन स्मृति प्रतिभा प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह’ आयोजित किया जाता रहेगा।


