शाजापुर शहर में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बुधवार सुबह से ही शहर का माहौल उत्सवमय हो गया। घरों की छतों पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग अपने परिवारजनों के साथ पतंग उड़ाते दिखे। शाम होते-होते आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया, जिससे शहर की खूबसूरती बढ़ गई। पतंगों की डोरों की खनक और लोगों की खुशियों से पूरा शहर गूंज उठा। इस बार शाजापुर में मकर संक्रांति का पर्व दो दिनों तक मनाया जा रहा है। कुछ परिवारों ने 14 जनवरी को, जबकि अन्य ने 15 जनवरी को यह पर्व मनाया। इस कारण पूरे शहर में लगातार दो दिनों तक उत्साह का माहौल बना रहा। कई मोहल्लों में छतों पर डीजे बजते रहे, जहां युवाओं ने संगीत पर थिरकते हुए पर्व का आनंद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मकर संक्रांति की विशेष रौनक देखने को मिली। गांवों में बच्चों और युवाओं ने गिल्ली-डंडा जैसे पारंपरिक खेल खेलकर पुरानी परंपराओं को जीवित रखा। तिल-गुड़, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों के साथ शाजापुर शहर और आसपास के इलाकों में इस दो दिवसीय उत्सव ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान और दिलों में उल्लास भर दिया। मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर शाजापुर जिले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दे रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे चाइनीज मांझे का उपयोग न करें, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके और पर्व को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके। इस बार मकर संक्रांति पर पतंगबाजी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम एक खास आकर्षण रही। आसमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कहानी को दर्शाती पतंगें उड़ती नजर आईं, जिन्हें लोगों ने बड़े उत्साह से उड़ाया। देशभक्ति और समसामयिक विषयों से जुड़ी इन पतंगों ने बच्चों से लेकर युवाओं तक का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पतंगबाजी में एक नया रंग और जोश जुड़ गया।


