शाजापुर में मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। वाल्मीकि समाज के सदस्यों ने जिला अस्पताल परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के बाद, समाज के सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। समाज सदस्य अक्षय गावरे ने बताया कि वे हर वर्ष अस्पताल में जयंती मनाते हैं, ताकि जरूरतमंदों की सेवा की भावना बढ़े। इसी क्रम में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नगर इकाई शाजापुर ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन महाविद्यालय में वाल्मीकि जयंती मनाई। ABVP के नगर मंत्री पवन गुर्जर ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन यह प्रेरणा देता है कि व्यक्ति अपने कर्मों से महान बनता है, न कि जन्म से। उन्होंने उल्लेख किया कि वाल्मीकि जी पहले रत्नाकर डाकू के नाम से जाने जाते थे, लेकिन श्रीराम को आदर्श मानकर उन्होंने धर्म, आदर्श और मर्यादा के मार्ग को अपनाया और संस्कृत में महाकाव्य रामायण की रचना की। कार्यक्रम में नगर इकाई के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


