शाजापुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में सोमवार को जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य विषय “जादू नहीं, विज्ञान है, समझना समझाना आसान है” था। इसमें जिले के अलग-अलग विकासखंडों से आए विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल और नाटिकाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक समझ का प्रदर्शन किया। छात्रों ने बताए विज्ञान के आसान तरीके कार्यक्रम प्रभारी ओम प्रकाश पाटीदार ने बताया कि प्रदर्शनी में चयनित विद्यार्थियों ने ऐसे मॉडल प्रस्तुत किए, जिनसे यह समझाया गया कि कई चीजें जो जादू जैसी लगती हैं, उनके पीछे विज्ञान के नियम काम करते हैं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए काफी रोचक रहीं। अंधविश्वास दूर करने का प्रयास विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.के. अवस्थी ने बताया कि इस विज्ञान मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और प्रयोगों के जरिए अंधविश्वास को दूर करना है। नाटिकाओं और मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि हर घटना का वैज्ञानिक कारण होता है। विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन विज्ञान नाटिकाओं का मूल्यांकन रविकांत त्रिपाठी, नमिता पटेरिया और गोविंद पाटीदार ने किया। वहीं विज्ञान मॉडलों का मूल्यांकन सियाराम पाटीदार, राहुल जाखड़ और राधेश्याम सूर्यवंशी द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शुजालपुर से मास्टर ट्रेनर राघवेंद्र परमार, मोहन बड़ोदिया से राधेश्याम लववंशी और कालापीपल से गोविंद पाटीदार सहित कई शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


