आगामी शादियों के सीजन को देखते हुए खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए ज्वेलरी की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू किया जाए। गोदारा आज सचिवालय में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अपनी आय का ज्यादा धन ज्वेलरी खरीदने में खर्च करते हैं। वो किसी भी प्रकार से ठगी के शिकार नहीं हों, इसके लिए उन्हें जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि दुकानदार द्वारा उपभोक्ता को दिए गए बिल पर हॉल मार्क की जानकारी अवश्य लिखी होनी चाहिए। सर्राफा बाजार में हॉल मार्क सेंटर की जानकारी क्यू. आर. कोड के माध्यम से भी दी जाए। पनीर, दूध और मावे की रेंडमली जांच के निर्देश
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि दुकानदारों द्वारा दिए जाने वाले बिल पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर अंकित किए जाए। सभी को यह जानकारी होनी चाहिए कि यदि आप उत्पाद से संतुष्ट नहीं है तो हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होने पनीर, दूध एवं मावे की रेंडमली जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए वीसी के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था शुरू करने के बारे में कहा कि यह बुजुर्गों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। समय-समय पर उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए संभाग स्तर पर कार्यशालाएं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। मंत्री ने ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाली ठगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। राज्य में कुल 36 साइबर स्टेशन क्रियाशील हैं ,कुल 1930 साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं। बैठक में प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार और उपभोक्ता संरक्षण परिषद से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


